उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह(से नि) ने 15 सितम्बर, 2021 को उत्तराखण्ड के 8वें राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की। 15 सितम्बर, 2022 को श्री सिंह के कार्यकाल का प्रथम वर्ष पूर्ण हो रहा है।
राज्यपाल का पद संवैधानिक पद है और राज्य का शीर्षस्थ पद है। पिछले एक वर्ष में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह(से नि) ने संवैधानिक दायित्वों का गरिमापूर्वक निर्वहन किया है और सदैव इस बात को महत्व दिया है कि राज्य में एक लोकप्रिय चुनी हुई सरकार है, जिसको संवैधानिक मर्यादाओं और दायित्वों की सीमा में रहते हुए मार्गदर्शन प्रदान करना है।

राज्यपाल ने अपने कार्यकाल के एक वर्ष में उत्तराखण्ड पर अपनी छाप छोड़ी है। उत्तराखण्ड के विकास के लिए उन्होंने पाँच मंत्र अथवा मिशन निर्धारित किए हैं जिस पर वे निरन्तर प्रयासरत हैं। ये मंत्र हैं- रिवर्स पलायन, महिला सशक्तिकरण एवं बालिका शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं तकनीकी, जैविक एवं प्राकृतिक कृषि और उत्तराखण्ड के लिए गेम चेंजर साबित होने वाले किसी एक क्षेत्र को पहचान कर उस पर आगे बढ़ना।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों की जबावदेही और स्वायत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियुक्तियों तथा कार्य परिषदों की बैठकों में पूर्ण पारदर्शिता तथा शुचिता के दृष्टिगत बैठकों तथा तत्सम्बंधी कार्यवाहियों की नियमित रूप से वीडियो रिकार्डिंग करने के निर्देश जारी किये। यही नहीं विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति को लेकर भी वे सदैव सजग रहे और विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साक्षात्कार में पारदर्शिता लाने के लिए साक्षात्कार की भी वीडियो रिकार्डिंग की शुरूआत की गयी। राजभवन में पहली बार प्रदेश में स्थित निजी विश्वविद्यालयों की बैठक राज्यपाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई।
इसमें सभी विश्वविद्यालयों ने प्रदेश में गुणवत्तापरक शिक्षा के साथ-साथ प्रदेश के विकास से सम्बन्धित योजनाओं में सहभागी बनने के लिए आश्वस्त किया। राजभवन द्वारा राज्य के विश्वविद्यालयों में संबद्धता की ऑनलाइन व्यवस्था किये जाने हेतु एफिलेशन पोर्टल विकसित किये जाने की कार्यवाही भी गतिमान है।

उन्होंने एक वर्ष में प्रदेश के सभी ज़िला मुख्यालयों और चमोली धारचूला जैसी फ़ॉर्वर्ड पोस्ट का दौरा किया है। विगत वर्षों की भांति राजभवन देहरादून में ‘‘पुष्प प्रदर्शनी’’ का आयोजन किया गया। इस बार ‘‘पुष्प प्रदर्शनी’’ का विस्तार करते हुए पुष्पों के साथ-साथ स्थानीय लघु उद्योग के उत्पादों को भी स्थान दिया गया। बीआरओ को प्रदेश के सीमावर्ती स्थानों में रोड कनेक्टिविटी का प्रस्ताव बनाने को कहा है और स्वयं केंद्र सरकार से पैरवी कर रहे हैं। अपने जनपद भ्रमण के दौरान राज्यपाल ने स्वास्थ्य सुविधाओं की हकीकत जानने के लिए अस्पतालों का भी निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।


