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योग महोत्सव के पाँचवें दिन योग और आयुर्वेद पर हुई चर्चा।

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

ऋषिकेश में आयोजित ‘अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव’ के पाँचवें दिन रविवार सुबह बड़ी संख्या में लोग योग साधना करने के लिए पहुँचे। प्रातः कालीन सत्र में सभी 6 योग संस्थानों द्वारा योग साधकों को योग अभ्यास कराया गया। इसके बाद द्वितीय सत्र में ब्रह्मकुमारी की ओर से प्रांगण में मौजूद लोगों को शरीर और मन को शांति प्रदान करने हेतु प्रणायाम एवं आसान की विस्तृत जानकारी दी गई। योग महोत्सव में प्रतिदिन आयुर्वेद महाविद्यालय की ओर से नाड़ी परीक्षण सत्र का आयोजन किया जा रहा है, नाड़ी परीक्षण में लोग की काफी रुचि दिखाई रही है।

हास्य योग सत्र के दौरान डॉ. मनोज रंगढ़ ने हास्य योग के विभिन्न विषयों की जानकारी दी। चौथे सत्र में “आयुर्वेद – जीवन का विज्ञान” विषय पर परिचर्चा सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में पंचकर्म पर डॉ. जेपी नौटियाल, मर्म चिकित्सा पर प्रोफेसर सुनील जोशी, गर्भाधान संस्कार पर डॉ. संजीवन देवधर एवं आयुर्वेद विषय पर प्रो. एचएम चंदोला ने विशेषज्ञता राय रखी। कार्यक्रम के अलगे सत्र में ईशा फाउंडेशन के सिद्धार्थ भान द्वारा जीवन में तनाव दूर करने के लिए योग एवं प्राणायाम के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान संकीर्तन का आयोजन भी किया गया।
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योग महोत्सव के चौथे दिन शनिवार की रात्रि आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में मा. पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज जी द्वारा प्रतिभाग किया गया। इस दौरान लेज़र शो का आयोजन किया गया और साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिमाचली लोक बैंड ने अपनी प्रस्तुतियां दी। हिमाचली लोग बैंड ने अपनी धुनों पर प्रांगण में मौजूद लोगों को थिरकने पर मजबूर कर दिया

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