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नाइट ( रात्रि) ड्यूटी पर चिकित्सा स्टाफ के उपस्थित न रहने सम्बन्धी जन शिकायतों के चलते जिलाधिकारी रीना जोशी ने विकासखंड मूनाकोट के अंतर्गत बड़ालू स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया।

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Vijaya Dimri
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Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

नाइट ( रात्रि) ड्यूटी पर चिकित्सा स्टाफ के उपस्थित न रहने सम्बन्धी जन शिकायतों के चलते जिलाधिकारी रीना जोशी ने विकासखंड मूनाकोट के अंतर्गत बड़ालू स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात कार्मिकों से संबंधित उपस्थिति पंजिका का निरीक्षण किया तथा संबंधित चिकित्सालय के एमओआईसी सचिन प्रकाश से नाइट ड्यूटी में उपस्थित रहने वाले चिकित्सा स्टाफ के संबंध में जानकारी ली। जिलाधिकारी द्वारा गत दिवस गुरुवार को नाईट ड्यूटी पर तैनात चिकित्सा स्टाफ की जानकारी मांगे जाने पर एमओआईसी ठीक से जानकारी नहीं दे पाए। जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी प्रकट की तथा एमओआईसी को निर्देश दिए कि चिकित्सा स्टाफ को निर्देशित कर दिया जाय कि जो कार्मिक नाइट ड्यूटी पर तैनात रहते हैं वे उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर सहित नाइट ड्यूटी पर तैनात रहने संबंधी विवरण अवश्य दर्ज करें। इसके अलावा जिलाधिकारी द्वारा दवा वितरण कक्ष, मरीज भर्ती वार्ड, मरहम पट्टी कक्ष आदि का भी निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी द्वारा मरीज भर्ती वार्ड एवं मरहम पट्टी कक्ष में रखें डस्टविनो के ढक्कनों पर अत्यधिक धूल जमा दिखाई देने पर नाराजगी प्रकट की गई तथा चिकित्सालय में साफ- सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश एमओआईसी को दिये गये। जिलाधिकारी द्वारा मरहम पट्टी कक्ष में सिंक पर लगे पेयजल नल को खोलकर देखा गया तो उसमें पानी नहीं आ रहा था। जिस पर एमओआईसी सचिन प्रकाश ने बताया कि पानी का प्रेशर कम होने के कारण पानी चिकित्सालय की छत पर रखी टंकी पर नहीं चड़ पाता, जिस कारण से नलों में पानी नहीं आ रहा है। वही एमओआईसी द्वारा चिकित्सालय में नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या भी बताई गई। इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को चिकित्सालय की पेयजल व अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करवाए जाने के निर्देश दिये।
दवा वितरण कक्ष के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी द्वारा दवा वितरण विवरण संबंधी पंजिका, स्टॉक पंजिका आदि का भी निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने एमओआईसी को निर्देश दिए कि चिकित्सालय स्टॉक में रखी गयी ऐसी दवाइयां जिनकी उपयोगिता तिथी(डेट)अगले दो-तीन माह में एक्सपायरी होने वाली है, उनका विवरण अलग पंजिका में दर्ज करते हुए उनका स्टॉक अलग रखा जाय तथा दवाओं की डेट एक्सपायरी होने पर उन्हें उपयोग में न लाया जाय।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एचएस हयांकी, तहसीलदार पंकज चंदोला आदि उपस्थित थे।

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