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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर सोमवार को हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र, गढ़ी कैंट, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर सोमवार को हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र, गढ़ी कैंट, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने अल्पसंख्यक आयोग की पुस्तिका का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने अल्पसंख्यक समुदाय के सभी लोगों को विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन भारतवर्ष की एकता और अखंडता के संरक्षण व संवर्धन हेतु हमारे मौलिक कर्तव्यों को याद करने का दिन है। भारत की एकता और अखंडता का मूल भी हमारी यही सांस्कृतिक विभिन्नताओं में पाए जाने वाली एकरूपता है। अनेकता में एकता का यही भाव देश को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य करता है। हमारी भारतीय संस्कृति सभी पंथ मार्ग, संप्रदायों का सम्मान करने की रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की संस्कृति तथा सामर्थ्य का विस्तार संपूर्ण विश्व में हो रहा है। उनके द्वारा दिए गए मंत्र सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास द्वारा नये भारत में हर वर्ग के सशक्तिकरण का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड धार्मिक एवं आध्यात्मिक चेतना की जागृति का केंद्र रहा है। राज्य सरकार हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व बढ़ाए जाने एवं अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित किए जाने हेतु ’’मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक प्रोत्साहन योजना’’ प्रारम्भ की गई है। राज्य में अल्पसंख्यक समुदाय के परिवारों की मेधावी छात्राओं की शिक्षा हेतु विशेष अनुदान भी उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार ने अल्पसंख्यक क्षेत्रों में मांग के अनुसार आर्थिक व शैक्षणिक विकास के लिए अल्पसंख्यक विकास निधि की स्थापना की है, जिसके तहत अभी तक 18 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है। मुख्यमंत्री हुनर योजना के माध्यम से गांवों की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना, जन धन योजना, उज्ज्वला योजना, हर घर नल से जल, पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना, स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालयों का निर्माण, आवास योजना सहित अनेक प्रकार की योजनाओं के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार ने जन समस्याओं के समाधान के लिए कार्य किये हैं। राज्य में समान नागरिक संहिता जल्द लागू करने की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2025 तक उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए सभी को सहयोग देना होगा।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड अल्प संख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री आर.के.जैन, उपाध्यक्ष सरदार इकबाल सिंह, श्री मजहर नईम उत्तराखण्ड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष श्री शादाब शम्स, मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी, डीजीपी श्री अभिनव कुमार उपस्थित थे।

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