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राज्य स्तरीय गौचर औधौगिक विकास एवं सांस्कृतिक मेले की चौथी शाम जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण और लोक गायिका मीना राणा के नाम रही।

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Vijaya Dimri
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Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

गौचर। 18 नवंबर
राज्य स्तरीय गौचर औधौगिक विकास एवं सांस्कृतिक मेले की चौथी शाम जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण और लोक गायिका मीना राणा के नाम रही।
इस दौरान जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण व मीना राणा ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। साथ ही स्थानीय लोक कलाकारों ने भी मेले में लोक संस्कृति के रंग बिखरे। प्रीतम भरतवाण ने शिव वन्दना से सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत करते हुऐ शिवजी कैलाश मां रैहन्दा, भगवती का जागर के भागी का चोक, तिवाड़ी मां बैठी होली सोनंपडीया मेरी, मोहन तेरी मुरली बाजे, गिमसाडी हाथों मां, सीमा बनगराल का गाना किले दारू बोला व दिनेश चौनदियाल की प्रस्तुति हिलमा चांदी को बटन दिल मां तुम्हारी रटना, लीला घसारी, हे रूडी मिजाज रुडी तथा लोकगायिका मीना राणा व उनकी टीम द्वारा वन्दना बिजी जावा पंचनाम देवता, मै छों बांद गढ़वाली, गोला गुलबंद सजी ची, और जौनसारी लोकनृत्य नृत्य ओ साहिबा मन बसिया, हम उत्तराखंडी छः आदि गीतों की प्रस्तुतियों पर दर्शक देर रात तक थिरके।
इससे पूर्व दिव्यांग कलाकार सुरेन्द्र कमांडर एण्ड पार्टी, जय मां नन्दा देवी सांस्कृतिक कला मंच रामणी नन्दानगर, मृणाल रतूड़ी एवं टीम गैरसैंण, रमेश देवराडी एवं पार्टी थराली और जय बटलेश्वर कला मंच गोपेश्वर के सांस्कृतिक कलाकारों की प्रस्तुतियों पर भी दर्शक जमकर नाचे।

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