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03 पुत्रों में से जब बुजुर्ग मॉ संग रह रहा 1 आखिरी पुत्र भी हुआ अपने परिवार संग अलग; तो मॉ सरस्वती की राशन पूर्ति भी हो गई ठप्प

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com
 जिलाधिकारी सविन बंसल के सम्मुख 15 जुलाई को अजबपुर निवासी एक 72 वर्षीय बुजुर्ग महिला सरस्वती देवी ने अपनी गुहार लगाई कि पूर्ति विभाग उनका राशन देने में आनाकानी कर रहा है। बुजुर्ग सरस्वती ने जिलाधिकारी को बताया कि उनके 3 पुत्र हैं जो सभी  अपने-अपने परिवार संग अलग-अलग रहते हैं। वह अपना गुजारा अपनी विधवा पेंशन से चलाती हैं। उन्होंने डीएम को बताया कि राशन डीलर पूर्ति विभाग की सूची में नाम न होने का कारण बताकर राशन नहीं दे रहा है, जबकि पूर्व में उसे राशन मिलता था। उसने डीएम से राशन दिलाने की गुहार लगाई। जिस पर डीएम ने पूर्ति अधिकारी को तलब करते हुए तत्काल वस्तुस्थिति से अवगत कराने तथा महिला को राशन दिलाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी तक मामला पहुंचते ही पूर्ति विभाग के अधिकारी/ कार्मिकों के हाथ पांव फूल गए, कलेक्टेªट की कलम चलने से पहले ही पूर्ति विभाग के अधिकारी/कार्मिक दौड़े-दौड़े बुजुर्ग महिला तक पहुंचे तथा बजुर्ग महिला का राशन कार्ड बहाल करते हुए उसी दिन 15 जुलाई को ही उनके कोटे का खाद्यान्न दिलाया। वहीं डीएम की सख्त चेतावनी है कि बुजुर्ग, महिला, बच्चों, असहाय का शोषण तिरस्कार होगा दण्डनीय है, इस प्रकार के मामले क्षम्य नही होंगे।
जिलाधिकारी अपने कार्यालय कक्ष में प्रतिदिन जनमानस की समस्याएं सुनते हैं तथा उनका निस्तारण हेतु संबंधित विभागों  के अधिकारियों को निर्देशित करते हैं। जिलाधिकारी प्राप्त होने वाली शिकायतों की स्वयं मॉनिटरिंग कर रहे हैं तथा उनके निस्तारण आख्या संबंधित विभागों के अधिकारियों से प्रतिदिन प्राप्त की जाती हैं।

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