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युवाओं को कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने के लिए विभागीय सचिव समन्वय के साथ करें कार्य

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में कौशल विकास और श्रम विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में युवाओं को कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने के लिए सभी संबंधित विभागीय सचिव समन्वय बनाकर कार्य करें। उन्होंने मुख्य सचिव को सचिवों के साथ बैठक कर इसके लिए ठोस रणनीति बनाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कौशल विकास को इन्क्यूबेशन और ग्रोथ सेंटरों से जोड़ने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद में स्थानीय लोगों को प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, कारपेंटर, मिस्त्री जैसे कार्यों के लिए बेहतर प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए। उद्योगों की मांग और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण कोर्स तैयार किए जाएं। प्रशिक्षण केंद्रों में अत्याधुनिक मशीनें, प्रयोगशालाएं (लैब्स) और स्मार्ट क्लासरूम की स्थापना की जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर जनपद की पारंपरिक पहचान को ध्यान में रखते हुए लोगों को कौशल विकास और प्रशिक्षण से जोड़ा जाए। ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण बढ़ाने के साथ ही सभी कुशल श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि बाल श्रम मुक्ति के लिए लक्षित पुनर्वास से संबंधित कार्रवाई हेतु शीघ्र योजना बनायी जाए। राज्य के बड़े जनपदों में बाल श्रम मुक्ति के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्वरोजगार के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिये विशेष कौशल विकास केंद्रों की स्थापना की जाए तथा प्रदेश के दूरदराज इलाकों में स्किल ऑन व्हील्स वैन की शुरूआत की जाए। मुख्यमंत्री ने हेल्थकेयर और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में राज्य के युवाओं को विदेश में रोजगार से जोड़ने के लिए संबंधित देशों में स्थित भारत के दूतावासों से संपर्क किये जाने पर बल देते हुये ऐसे युवाओं को विदेशी भाषाओं के कोर्स कराने हेतु दून विश्वविद्यालय से नियमित समन्वय स्थापित किये जाने के भी निर्देश दिए। जनपदों में बनाए जा रहे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित किये जाने की भी बात मुख्यमंत्री ने कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक वर्ष कितने युवाओं को कौशल विकास और रोजगार से जोड़ा गया इसके विवरण के साथ दीर्घकालिक योजना के बारे में कौशल विकास विभाग 10 दिनों के भीतर स्पष्ट कार्ययोजना प्रस्तुत करे।

बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के 27 आईटीआई में प्रशिक्षण ले रहे अभ्यर्थियों को दो वर्षीय कोर्स के अंतर्गत एक वर्ष का प्रशिक्षण आईटीआई में तथा एक वर्ष का प्रशिक्षण उद्योगों में प्रदान करने हेतु भारत सरकार से सहमति प्राप्त हो गई है। पाँच अन्य आईटीआई के लिए शीघ्र ही सहमति प्राप्त किये जाने की प्रक्रिया गतिमान है।

बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद श्री विश्वास डाबर, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, सचिव श्री श्रीधर बाबू अदांकी, श्री सी. रविशंकर एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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