Saturday, February 21, 2026
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सचिव आयुष ने विभागीय कार्यों की व्यापक समीक्षा की; चिकित्सालयों के सुदृढ़ीकरण और डिजिटलीकरण हेतु दिए कड़े निर्देश

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

सचिव आयुष, श्रीमती रंजना राजगुरु की अध्यक्षता में आज आयुष विभाग के महत्वपूर्ण एजेन्डा बिंदुओं पर एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें निदेशक आयुर्वेद डॉ. विजय कुमार जोगदंडे सहित समस्त जनपदों के आयुर्वेदिक, यूनानी एवं होम्योपैथी अधिकारियों और संयुक्त निदेशकों ने प्रतिभाग किया। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत प्राप्त बजट, राष्ट्रीय आयुष मिशन के कार्यों और ‘सेंट्रल ऑफ एक्सीलेंस’ के लिए जारी ₹4 लाख की सीमा के भीतर रिनोवेशन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। सचिव महोदया ने सख्त निर्देश दिए कि प्रदेश के आयुष चिकित्सालयों में रोगी पंजीकरण की व्यवस्था को पूर्णतः ऑनलाइन पोर्टल पर स्विच किया जाए, जिसे आगामी 01 मार्च, 2026 से अनिवार्य रूप से लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अधिकारियों को प्रतिमाह न्यूनतम 8 चिकित्सालयों का अनिवार्य निरीक्षण करने और दवाओं के स्टॉक रजिस्टरों को नियमित रूप से मेंटेन करने के निर्देश दिए, जिन्हें भविष्य में ऑनलाइन पोर्टल पर स्थानांतरित किया जाएगा।
विभागीय कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से सचिव महोदया ने निर्देश दिए कि जिले के समस्त कार्मिकों की गतिविधियों और प्रगति की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जाए। औषधि निरीक्षकों को निर्देशित किया गया कि वे फार्मेसियों का नियमित निरीक्षण करें, सैंपल्स एकत्रित करें और अपनी रिपोर्ट को विभागीय पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपडेट करें। बैठक में आयुष मानव संसाधन के युक्तिकरण (Rationalization) और उनके नियमित प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया ताकि जन-सामान्य को आयुष चिकित्सा सेवाओं का पूर्ण लाभ मिल सके और उपलब्ध विशेषज्ञों की सेवाओं का भी क्षमतानुसार सम्यक उपयोग सुनिश्चित हो सके।
बैठक के दौरान 10/25 शैय्यायुक्त चिकित्सालयों, जैसे कि मुनिकीरेती, कोटद्वार, झाझरा, बडकोट और चंबा आदि में उच्चीकरण एवं उपकरणों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। इसके साथ ही, आई-गॉट कर्मयोगी पोर्टल पर पंजीकृत 1909 कार्मिकों के प्रशिक्षण और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित पेंशन प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के निर्देश भी दिए गए। सचिव महोदया ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना में नवीन चिकित्सालयों के निर्माण संबंधी प्रस्तावों के औचित्य और जनपदों द्वारा प्रेषित कार्मिकों के अचल संपत्ति प्रमाण पत्रों की भी समीक्षा की।

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