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सब रजिस्ट्रार देहरादून पर प्रशासनिक एक्शन तय; तहसीलदार को दाखिल खारिज निरस्त करने के निर्देश

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com
जनपद में न्यायालय द्वारा प्रतिबंधित भूमि के अवैध क्रय-विक्रय से जुड़े गंभीर फर्जीवाड़े के मामले में जिलाधिकारी सविन बंसल ने कड़ा संज्ञान लेते हुए क्रेता एवं विक्रेता के विरुद्ध थाना शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। राज्य की सरकारी भूमि पर गिद्ध नजर गढाये बैठे भू-माफिया बिल्डर्स पर जिला प्रशासन कड़े प्रहार करने के मूड मेें है। चंडीगढ पंजाब बाहरी लोग राज्य की प्रतिबन्धित भूमि जिनपर न्यायालय द्वारा क्रय-व्रिकय पर रोक लगा रखी है ऐसी भूमि पर भू-माफियाओं की नजर है ऐसी भूमि को कूटरचित दस्तावेज से जमीन बेचने का मामला संज्ञान में आया है। जिस पर जिलाधिकारी ने एक्शन लेते हुए मुकदमा दर्ज कराया है तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस तरह के अन्य प्रकरणों पर कार्यवाही की जाए। ऐसे प्रकरणों पर जिला प्रशासन कड़ा एक्शन लेने के मूड में है।
जिलाधिकारी के संज्ञान में आया कि मौजा आमवाला तरला स्थित खसरा संख्या 94ख, 134, 135 एवं 136 की भूमि, जिस पर माननीय न्यायालय द्वारा क्रय-विक्रय पर रोक लगाई गई है, उसे कूटरचित (फर्जी) अभिलेख तैयार कर पंजीकृत कराया गया। शिकायतकर्ता द्वारा विलेख संख्या 8614/2025 एवं 8615/2025 के संबंध में आपत्ति दर्ज कराते हुए बताया गया कि उक्त भूमि पीएसीएल (पर्ल्स एग्रो टेक कॉर्पाेरेशन लिमिटेड) से संबंधित प्रतिबंधित श्रेणी में आती है।
प्राथमिक जांच में पाया गया कि विक्रेता द्वारा संबंधित भूमि का वास्तविक विवरण छिपाते हुए रजिस्ट्री कराई गई। यह भी सामने आया कि भूमि विवादित होने के बावजूद क्रय-विक्रय कर दिया गया, जो न्यायालय के आदेशों की अवहेलना है। संबंधित भूमि का संबंध कथित रूप से गोल्डन फॉरेस्ट से जुड़ी परिसंपत्तियों से भी बताया जा रहा है, जिन पर पूर्व से विभिन्न स्तरों पर प्रतिबंध लागू हैं।
जिलाधिकारी के निर्देश पर रजिस्ट्रार देहरादून एवं उप जिलाधिकारी सदर को विलेखों की पुनः जांच के आदेश दिए गए। यदि इन विलेखों के आधार पर दाखिल-खारिज के आदेश जारी हुए हैं, तो उन्हें तत्काल निरस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908 की धारा 83 के तहत कूट रचना कर पंजीकरण कराने के मामले में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध थाना कोतवाली में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर दी गई है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सब-रजिस्ट्रार कार्यालय देहरादून की भूमिका की भी जांच की जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर कड़ी कार्रवाई की संभावना व्यक्त की गई है। साथ ही, ऋषिकेश सब-रजिस्ट्रार कार्यालय की तर्ज पर रजिस्ट्रार कार्यालय देहरादून का वृहद निरीक्षण भी शीघ्र किया जा सकता है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना तथा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भूमि लेन-देन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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