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सांसद श्री अजय भट्ट ने अतारांकिक प्रश्न के रूप में केंद्रीय गृहमंत्री से पूछा विगत 3 वर्षों में साइबर अपराधों का ब्यौरा |

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री व नैनीताल उधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र से सांसद श्री अजय भट्ट ने अतारांकिक प्रश्न के रूप में केंद्रीय गृहमंत्री से पूछा कि विगत 3 वर्षों में साइबर अपराधों का ब्यौरा क्या है और उसमें राज्यवार कितने प्रतिशत वृद्धि हुई है और केंद्र सरकार ऑनलाइन लेनदेन को त्रुटि मुक्त बनाने और साइबर अपराध से निपटने के लिए किस तरह के उपाय कर रही है? इसके अलावा आम जनता में साइबर जागरूकता फैलाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।

सांसद श्री अजय भट्ट के प्रश्न के जवाब में गृह मंत्रालय राज्य मंत्री श्री बंडी संजय कुमार द्वारा बताया गया कि देश में साइबर अपराध से निपटने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000, भारतीय न्याय संहिता, 2023 और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (पोक्सो अधिनियम) के तहत पर्याप्त प्रावधान उपलब्ध हैं।

केंद्र सरकार ने साइबर अपराधों से व्यापक और समन्वित ढंग से निपटने हेतु तंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए उपाय किए हैं, जिनमें अन्य बातों के साथ-साथ निम्नलिखित शामिल हैं:

i. गृह मंत्रालय ने देश में सभी प्रकार के साइबर अपराधों से समन्वित और व्यापक ढंग से निपटने के लिए एक संबद्ध कार्यालय के रूप में ‘भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र’ (आईसी) स्थापित किया है।

ii. महिलाओं और बच्चों के प्रति साइबर अपराधों पर विशेष बल देते हुए, सभी प्रकार के साइबर अपराधों से संबंधित घटनाओं की सूचना देने में जनता को समर्थ बनाने हेतु आई4सी के भाग के रूप में ‘राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल’ (एनसीआरपी) (https://cybercrime.gov.in) शुरू किया गया है। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर सूचित की गई साइबर अपराध की घटनाओं, उन्हें एफआईआर में बदलने और उन पर आगे की कार्रवाई यानी आरोप पत्र दाखिल करना, गिरफ्तारी और शिकायतों के समाधान से जुड़े कार्य राज्य/संघ राज्य क्षेत्र की संबंधित विधि प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा कानून के प्रावधानों के अनुसार किए जाते हैं।

वित्तीय धोखाधड़ियों की तत्काल सूचना देने और धोखाधड़ी करने वालों के द्वारा निधियों की चोरी को रोकने के लिए वर्ष 2021 में आई4सी के तहत ‘नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग और प्रबंधन प्रणाली’ (सीएफसीएफआरएमएस) शुरू की गई है। आई 4सी द्वारा संचालित सीएफसीएफ आरएमएस के अनुसार, दिनांक 31.01.2026 तक, 24.65 लाख से अधिक शिकायतों में 8,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि को बचाया गया है। साइबर शिकायतों को ऑनलाइन दर्ज करने में सहायता प्राप्त करने के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नम्बर ‘1930’ शुरू किया गया है।

iv. केंद्र सरकार द्वारा 2 जनवरी 2026 को एक व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की गई है। यह राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) और नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग और प्रबंधन प्रणाली (सीएफसीएफआरएमएस) के माध्यम से शिकायतों के निपटान के लिए एक समान, पीड़ित-केंद्रित ढांचा प्रदान करती है। एनसीआरपी-सीएफसीएफआरएमएस के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में विशेष रूप से राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों, जिनकी पुलिस एजेंसियां इस प्रणाली में अभिन्न हितधारक (स्टेकहोल्डर) हैं, के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए एक समर्पित समन्वय तंत्र की रूपरेखा तैयार की गई है।

केंद्र सरकार ने साइबर अपराध जागरूकता पैदा करने के लिए विभिन्न पहल की हैं, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ, निम्नलिखित शामिल हैं: –

1) माननीय प्रधानमंत्री जी ने दिनांक 27.10.2024 को “मन की बात” के दौरान डिजिटल गिरफ्तारी के बारे में बात की और भारत के नागरिकों को अवगत कराया।

2) दिनांक 28.10.2024 को डिजिटल गिरफ्तारी पर आकाशवाणी, नई दिल्ली द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।

3) कॉलर ट्यून अभियानः आई 4 सी ने दूरसंचार विभाग (डीओटी) के साथ मिलकर साइबर अपराध के बारे में जागरूकता बढ़ाने और साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 तथा एनसीआरपी पोर्टल को बढ़ावा देने के लिए दिनांक 19.12.2024 से कॉलर ट्यून अभियान शुरू किया है। कॉलर ट्यून को दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) द्वारा अंग्रेजी, हिंदी और 10 क्षेत्रीय भाषाओं में भी प्रसारित किया गया। कॉलर ट्यून के छह संस्करण बजाए गए, जिनमें विभिन्न कार्यप्रणाली, जैसे डिजिटल गिरफ्तारी, निवेश घोटाला, मैलवेयर, फर्जी लोन ऐप, फर्जी सोशल मीडिया विज्ञापन, आदि शामिल थे।

4) केंद्र सरकार ने डिजिटल गिरफ्तारी घोटालों पर एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम शुरू किया है, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ, अखबार में विज्ञापन, दिल्ली मेट्रो में उदघोषणा, विशेष पोस्ट बनाने के लिए सोशल मीडिया प्रभावकारी व्यक्तियों (Influencers) का उपयोग, प्रसार भारती और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से अभियान, आकाशवाणी पर विशेष कार्यक्रम आदि शामिल हैं।

5) डीडी न्यूज के साथ साझेदारी में, आईसी ने 19 जुलाई 2025 से 52 सप्ताह के लिए साप्ताहिक शो साइबर-अलर्ट के माध्यम से चलने वाला एक साइबर अपराध जागरूकता अभियान चलाया।

6) केंद्र सरकार ने साइबर अपराध के बारे में और जागरूकता बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें अन्य बातों के साथ-साथ एसएमएस, आई4सी सोशल मीडिया अकाउंट जैसे कि एक्स (पूर्व में द्विटर) (@CyberDost), फेसबुक (CyberDost|4C), इंस्टाग्राम (CyberDostI4C), टेलीग्राम (cyberdosti4c) के माध्यम से संदेश प्रसारित करना, एसएमएस अभियान, टीवी अभियान, रेडियो अभियान, स्कूल अभियान, सिनेमा हॉल में विज्ञापन, सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट, आईपीएल अभियान, कुंभमेला 2025 और सूरज कुंड मेला 2025 के दौरान अभियान, कई माध्यमों से प्रचार हेतु माईगव का उपयोग करना, राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के सहयोग से साइबर सुरक्षा एवं संरक्षा जागरूकता सप्ताह का आयोजन करना, किशोरों/ छात्रों के लिए हैंडबुक का प्रकाशन करना, रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों पर डिजिटल प्रदर्शन (Displays) आदि शामिल हैं।

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