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आपदा प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय, संवेदनशील इलाकों में आपदा न्यूनीकरण कार्यो को मिली मंजूरी

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में शुक्रवार को ऋषिपर्णा सभागार में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आपदा न्यूनीकरण के उद्देश्य से संभावित संवेदनशील क्षेत्रों में प्रस्तावित सुरक्षात्मक कार्यों को आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत सर्शत अनुमोदित किया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा न्यूनीकरण से जुड़े कार्य सुधारात्मक प्रकृति के होते हैं, जिन्हें जनहित और सुरक्षा की दृष्टि से प्राथमिकता के आधार पर किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि तहसील स्तर एवं विभिन्न विभागों से प्राप्त नदियों के चैनलाइजेशन और ड्रेजिंग से संबंधित प्रस्तावों को समिति द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। साथ ही विभागों को निर्देशित किया गया कि जनहित से जुड़े सभी आपदा न्यूनीकरण कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि विभागों के पास अतिरिक्त प्रस्ताव या सुझाव हों तो उन्हें शीघ्र प्रस्तुत किया जाए तथा भविष्य में समिति की बैठकें नियमित अंतराल पर आयोजित की जाएंगी।

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) केके मिश्रा ने जानकारी दी कि पूर्व में आपदाग्रस्त एवं आपदा संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के दृष्टिगत विभिन्न विभागों से प्रस्ताव लिए गए थे, जिनमें नदी चैनलाइजेशन, रिवर ड्रेसिंग तथा आरक्षित वन क्षेत्रों में भूस्खलन उपचार से संबंधित कार्य शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मार्च माह में ही इन कार्यों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है, ताकि विभागों को कार्य पूर्ण करने हेतु पर्याप्त समय मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी विभाग के प्रस्ताव शेष हैं, तो उन्हें तत्काल उपलब्ध कराया जाए, जिससे निरीक्षण के उपरांत उन्हें समिति के समक्ष अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जा सके।

बैठक में हरिपुर कालसी क्षेत्र में यमुना नदी तट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु घाट निर्माण के लिए नदी चैनलाइजेशन, सहिया क्षेत्र के अंतर्गत कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर जजरेड स्थान पर क्रॉनिक लैंडस्लाइड जोन में संरचनात्मक भूस्खलन न्यूनीकरण कार्य तथा जनपद के विभिन्न नदी तटों के 28 संवेदनशील स्थलों पर मानसून के दौरान संभावित क्षति को देखते हुए चैनलाइजेशन कार्यों को अत्यंत आवश्यक मानते हुए सशर्त स्वीकृति प्रदान की गई।

इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-507 के किमी 13-14 पर यमुना नदी स्थित सेतु पर एबटमेंट स्कप्पर निर्माण, नदी प्रवाह चैनलाइजेशन, दोनों तटों पर कर्टेन वॉल एवं अन्य सुरक्षात्मक कार्य, किमी 24 बोसाना और किमी 26 व्यासी में भूस्खलन उपचार, भानियावाला-ऋषिकेश मार्ग पर चंद्रभागा नदी किनारे रिवर ड्रेसिंग तथा जाखन ब्रिज के अपस्ट्रीम में संचित मलबा हटाने जैसे कार्यों के लिए संबंधित उपजिलाधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी, अधिशासी अभियंता एवं अन्य विभागीय अधिकारियों की संयुक्त समिति गठित की गई है। समिति को स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके आधार पर आगे की स्वीकृति प्रदान की जाएगी।

बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष एवं समिति की सह-अध्यक्ष सुखविंदर सिंह कौर, अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा, प्रभागीय वनाधिकारी नीरज कुमार, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता ओपी सिंह, राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिशासी अभियंता सुरेश तोमर, क्षेत्राधिकारी विवेक कोटियाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि उपजिलाधिकारी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे।

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