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जयकारों के बीच निकली मां गंगा की डोली, गंगोत्री में शुरू होंगे दर्शन

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

उत्तरकाशी।
आस्था, श्रद्धा और उल्लास के बीच मां गंगा की उत्सव डोली शनिवार को उनके शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा गांव से गंगोत्री धाम के लिए विधिवत पूजा-अर्चना के साथ रवाना हो गई। डोली यात्रा के साथ ही पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण छा गया और चारधाम यात्रा की पावन शुरुआत का उत्साह देखने को मिला। अब रविवार को निर्धारित शुभ मुहूर्त में गंगोत्री मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। कपाट खुलते ही देश-विदेश से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के दर्शन शुरू हो जाएंगे।

मुखवा गांव में डोली प्रस्थान से पहले पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। गांव को भव्य रूप से सजाया गया था और स्थानीय लोगों में भारी उत्साह देखा गया। ढोल-दमाऊ, रणसिंघा और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मंगल ध्वनि के बीच मां गंगा की डोली को विदाई दी गई। श्रद्धालु “जय मां गंगे” के जयकारों के साथ पूरे मार्ग में डोली के दर्शन करते रहे।

डोली यात्रा में बड़ी संख्या में साधु-संत, तीर्थ पुरोहित, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह पुष्पवर्षा कर डोली का स्वागत किया गया। मां गंगा की डोली जैसे-जैसे गंगोत्री धाम की ओर बढ़ी, श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह भी चरम पर दिखाई दिया।

प्रशासन ने गंगोत्री धाम में कपाट खुलने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया है और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। यातायात प्रबंधन, पार्किंग, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, सफाई व्यवस्था तथा आपदा प्रबंधन की विशेष तैयारियां की गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु रूप से संचालित कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रा मार्गों की निगरानी के साथ-साथ स्वास्थ्य टीमों और पुलिस बल की तैनाती भी की गई है।

गौरतलब है कि हर वर्ष शीतकाल में भारी बर्फबारी के कारण गंगोत्री धाम के कपाट बंद कर मां गंगा की पूजा-अर्चना मुखवा गांव में की जाती है। ग्रीष्मकाल शुरू होने पर शुभ मुहूर्त में मां गंगा की डोली पुनः गंगोत्री धाम लाई जाती है और मंदिर के कपाट खोले जाते हैं।

कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा को भी गति मिलेगी। श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है और बड़ी संख्या में यात्री उत्तराखंड पहुंचने लगे हैं। माना जा रहा है कि इस वर्ष भी रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु गंगोत्री धाम पहुंच सकते हैं।

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