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कपाट खुलने से पहले यमुनोत्री में अंतिम निरीक्षण, व्यवस्थाओं का डीएम ने लिया जायजा

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

यमुनोत्री धाम में 19 अप्रैल से कपाटोद्घाटन के साथ चारधाम यात्रा का शुभारंभ होने जा रहा है। कपाट खुलने से एक दिन पहले जिला प्रशासन ने यात्रा व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देते हुए व्यापक निरीक्षण किया। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने शनिवार को धाम पहुंचकर पैदल मार्ग, सुरक्षा इंतजाम, श्रद्धालु सुविधाएं, सफाई व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के प्रबंधों का जायजा लिया। प्रशासन ने साफ किया है कि इस बार यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बनाने के लिए सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

जिलाधिकारी ने लगभग पांच किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर रेलिंग मरम्मत, रेन शेल्टर, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, चिकित्सा सुविधाएं, शौचालय और साइन बोर्ड की स्थिति देखी। उन्होंने निर्देश दिए कि यात्रा शुरू होने के बाद भी सभी व्यवस्थाएं लगातार सुचारू बनी रहनी चाहिए। वैकल्पिक पैदल मार्ग का भी निरीक्षण किया गया ताकि आकस्मिक स्थिति या श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ होने पर उसका उपयोग किया जा सके।

मंदिर परिसर के आसपास चेंजिंग रूम, स्वच्छता और अन्य यात्री सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मार्ग में मौजूद श्रद्धालुओं से बातचीत कर व्यवस्थाओं पर फीडबैक भी लिया।

जानकीचट्टी में डीएम ने घोड़ा पड़ाव, पार्किंग, चिकित्सा और यात्री सुविधाओं का निरीक्षण किया। जिला पंचायत अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि घोड़ा-खच्चरों के लिए मार्ग में बनाई गई चरियों में गर्म पानी की पर्याप्त व्यवस्था रहे। साथ ही डंडी-कंडी, घोड़ा-खच्चर सेवाओं के लिए प्रीपेड काउंटर और रोटेशन व्यवस्था भी सुव्यवस्थित रखने को कहा गया।

भीड़ नियंत्रण को लेकर प्रशासन ने विशेष तैयारी की है। सभी प्रमुख पड़ावों पर संकेतक बोर्ड लगाए गए हैं और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती बढ़ाई गई है। यात्रा मार्ग पर सफाई व्यवस्था को लेकर सुलभ इंटरनेशनल और जिला पंचायत को प्रतिदिन निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। रास्तों पर कूड़ा निस्तारण, डस्टबिन और घोड़े-खच्चरों की लीद की नियमित सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तरकाशी जिले के लिए आस्था के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। प्रशासन का लक्ष्य है कि हर श्रद्धालु को सुरक्षित, सहज और स्वच्छ यात्रा अनुभव मिले।

चारधाम यात्रा के पहले पड़ाव यमुनोत्री धाम में तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और अब श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए धाम सजकर तैयार है।

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