spot_img
spot_img

उत्तराखण्ड के यूएसडीएमए मॉडल से प्रभावित हुआ हिमाचल

More articles

Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

देहरादून। हिमाचल प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री जगत सिंह नेगी ने गुरुवार को उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) का दौरा कर आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने दोनों राज्यों के बीच आपसी समन्वय एवं सहयोग को और मजबूत करने पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड और हिमाचल प्रदेश भौगोलिक दृष्टि से समान प्रकृति वाले पर्वतीय एवं संवेदनशील राज्य हैं, जहां भूस्खलन, अतिवृष्टि एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं की चुनौतियां भी लगभग समान हैं। ऐसे में दोनों राज्यों के बीच समन्वित रणनीति अपनाकर प्रभावी आपदा प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सकता है।

इस दौरान मंत्री ने यूएसडीएमए द्वारा संचालित चारधाम यात्रा की मॉनिटरिंग एवं प्रबंधन प्रणाली का अवलोकन किया। उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के माध्यम से केदारनाथ यात्रा की लाइव मॉनिटरिंग, रियल-टाइम अलर्ट सिस्टम, भीड़ प्रबंधन, मौसम एवं मार्ग की सतत निगरानी तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच त्वरित समन्वय की व्यवस्था को सराहा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का यह तकनीक-आधारित मॉडल अत्यंत प्रभावी है, जिसे हिमाचल प्रदेश में भी लागू किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि कैलाश मणिमहेश, किन्नर कैलाश एवं श्रीखंड महादेव जैसी यात्राओं के दौरान इस प्रकार की प्रणाली से श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुचारु आवागमन एवं त्वरित आपदा प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सकेगी।

इस अवसर पर सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने यूएसडीएमए की गतिविधियों एवं नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण द्वारा तकनीकी नवाचारों एवं सुदृढ़ तंत्र के माध्यम से आपदा प्रबंधन व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

मंत्री ने तहसील स्तर पर गठित की जा रही क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) की सराहना करते हुए इसे आपदा प्रबंधन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि ये टीमें आपदा के प्रारंभिक चरण में त्वरित राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएंगी। उन्होंने यूएसडीएमए द्वारा विकसित ‘भूदेव’ एप एवं मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) की भी सराहना की तथा भूस्खलन प्रबंधन के क्षेत्र में दोनों राज्यों के बीच संयुक्त प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में ‘भूदेव’ एप का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, जिससे आपदा संबंधी सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित हो सके।

इस अवसर पर यूप्रिपेयर के परियोजना निदेशक श्री आनंद स्वरूप, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन श्री महावीर सिंह चैहान, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी डीआईजी श्री राजकुमार नेगी, अपर सचिव हिमाचल प्रदेश श्री निशांत ठाकुर, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी, यूएलएमएमसी के निदेशक डाॅ. शांतनु सरकार, श्री एसके बिरला आदि उपस्थित रहे।

-Advertisement-

-Advertisement-
-Advertisement-spot_img
Download Appspot_img
spot_img