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सर्वोच्च न्यायालय की पहल “समाधान समारोह 2026” के तहत विशेष लोक अदालत का आयोजन

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

उत्तरकाशी।
न्याय को आमजन तक सुलभ और सरल बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के तहत भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आयोजित “समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) 2026” को लेकर जनपद उत्तरकाशी में जागरूकता अभियान तेज कर दिया गया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी द्वारा इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए पत्रकारों के साथ आयोजित बैठक में इसकी विस्तृत जानकारी साझा की गई, जिसमें आमजन से अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सचिन कुमार ने बताया कि “समाधान समारोह 2026” न्याय प्रणाली को अधिक जनोन्मुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य न्याय को घर-घर तक पहुंचाना और सुलह-समझौते के माध्यम से विवादों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। यह अभियान 21 अप्रैल 2026 से प्रारंभ हो चुका है और इसका समापन 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 को सर्वोच्च न्यायालय परिसर में आयोजित विशेष लोक अदालत के साथ होगा।

उन्होंने बताया कि इस विशेष लोक अदालत में केवल वही मामले शामिल किए जाएंगे जो आपसी सहमति से निस्तारित किए जा सकते हैं। इनमें पारिवारिक विवाद, दुर्घटना दावा, चेक बाउंस, भू-अधिग्रहण, आपराधिक सुलहनीय प्रकरण, श्रम विवाद सहित अन्य ऐसे मामले शामिल हैं, जिनमें पक्षकार आपसी समझौते के आधार पर समाधान चाहते हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों को सौहार्दपूर्ण ढंग से समाप्त कर न्यायिक प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाना है।

सचिन कुमार ने स्पष्ट किया कि किसी भी मामले को इस विशेष लोक अदालत में शामिल करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एक ऑनलाइन गूगल फॉर्म उपलब्ध कराया गया है, जिसे भरना अत्यंत सरल है। यह फॉर्म सर्वोच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, इच्छुक पक्षकार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी से भी संपर्क कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि लोक अदालत के आयोजन से पूर्व सुलह के प्रयास हेतु विभिन्न स्तरों पर बैठकें आयोजित की जाएंगी। ये बैठकें राज्य, जिला, तालुका एवं उच्च न्यायालय स्तर के विधिक सेवा प्राधिकरणों के मध्यस्थता केंद्रों में आयोजित होंगी, जहां प्रशिक्षित मध्यस्थ और विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी पक्षकारों को समाधान तक पहुंचाने में सहयोग करेंगे। पक्षकार इन बैठकों में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के साथ-साथ ऑनलाइन माध्यम से भी भाग ले सकते हैं, जिससे प्रक्रिया और अधिक सुविधाजनक बन जाती है।

पूर्व-सुलह बैठकों के दौरान पक्षकारों के बीच संवाद स्थापित कर आपसी सहमति के आधार पर विवादों का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। इन बैठकों में पक्षकारों के साथ उनके अधिवक्ता भी भाग ले सकते हैं, जिससे समाधान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सके।

सचिव ने जानकारी दी कि इस अभियान से संबंधित किसी भी प्रकार की सहायता या जानकारी के लिए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा “वन स्टॉप सेंटर (वॉर रूम)” स्थापित किया गया है। इसके लिए 011-23116464, 011-23116465 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त वॉर रूम इंचार्ज के नंबर 011-23112428, 011-23112528 तथा सीआरपी निदेशक के नंबर 011-23115652 पर भी संपर्क किया जा सकता है। साथ ही speciallokadalat2026@sci.nic.in ईमेल आईडी के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

जनपद उत्तरकाशी में इस कार्यक्रम को लेकर विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। प्रशासन और मीडिया के सहयोग से अधिक से अधिक लोगों तक इस पहल की जानकारी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि पात्र लाभार्थी इस अवसर का लाभ उठाकर अपने लंबित मामलों का त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान प्राप्त कर सकें। यह पहल न केवल न्यायिक प्रणाली में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि आमजन को सस्ती, सुलभ और त्वरित न्याय व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित हो सकती है।

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