उत्तरकाशी।
चारधाम यात्रा के तहत जनपद उत्तरकाशी स्थित श्री यमुनोत्री एवं श्री गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं की आस्था का प्रवाह लगातार बढ़ता जा रहा है और प्रशासन की ओर से यात्रा को सुगम, सुरक्षित व सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं संचालित की जा रही हैं। अब तक दोनों धामों में 2 लाख 12 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि यात्रियों का आवागमन निरंतर जारी है। आगामी दिनों में मौसम के बदलते मिजाज और बारिश की संभावना को देखते हुए जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक कर व्यवस्थाओं को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि तीर्थयात्रियों की सुविधा और सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यात्रा कंट्रोल रूम में प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि अब तक कुल 32 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 28 का निस्तारण कर दिया गया है, जबकि शेष शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई जारी है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि यात्रियों से संबंधित प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने यात्रा के सुपर नोडल अधिकारियों सीडीओ और एडीएम के साथ ही विभिन्न मार्गों पर तैनात नोडल अधिकारियों से ग्राउंड स्तर की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली और व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। इस दौरान यात्रा मार्गों और धाम परिसरों में साफ-सफाई की स्थिति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने जिला पंचायत के विरुद्ध नोटिस जारी करने और जुर्माना लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि स्वच्छता में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही एएमए जिला पंचायत को तत्काल कूड़ा वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए उत्तरकाशी और बड़कोट की डंपिंग साइट का प्रभावी उपयोग करने को कहा गया।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने और प्रमुख स्थानों पर आवश्यक साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। श्री गंगोत्री धाम मार्ग पर सोनगाड़ क्षेत्र में सड़क किनारे नदी की ओर रिफ्लेक्टर लगाने तथा अन्य सुरक्षा उपायों को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए, ताकि दुर्घटनाओं की संभावनाओं को न्यूनतम किया जा सके।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने आगामी दिनों में संभावित खराब मौसम और वर्षा को देखते हुए सभी अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश देते हुए कहा कि भीड़ प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएं, यातायात नियंत्रण और साफ-सफाई की व्यवस्थाएं पूरी तरह चाक-चौबंद रखी जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चारधाम यात्रा में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सहज और सम्मानजनक अनुभव प्रदान करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
समीक्षा बैठक में सीडीओ जय भारत सिंह, एडीएम मुक्त मिश्र, एसडीएम बड़कोट बृजेश तिवारी, एसडीएम भटवाड़ी शालिनी नेगी, सीओ बड़कोट चंचल शर्मा सहित यात्रा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे और अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति से अवगत कराया। प्रशासन की सक्रियता और सतर्कता के बीच उत्तरकाशी में चारधाम यात्रा न केवल आस्था का केंद्र बनी हुई है, बल्कि व्यवस्थागत अनुशासन का भी एक उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।





