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विधान सभा निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी प्रशांत आर्य की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित

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Vijaya Dimri
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Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

उत्तरकाशी।
जनपद में विधान सभा निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी प्रशांत आर्य की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्यक्रम, उसकी समय-सारिणी तथा राजनीतिक दलों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि निष्पक्ष, पारदर्शी और सशक्त लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए त्रुटिरहित एवं अद्यतन मतदाता सूची का होना अत्यंत आवश्यक है। निर्वाचन आयोग द्वारा इसी उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन करेंगे। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अभियान में सक्रिय सहयोग देने तथा मतदाताओं को जागरूक करने की अपील की।

बैठक में बताया गया कि 29 मई से 7 जून 2026 तक प्रशिक्षण एवं प्रिंटिंग कार्य संपन्न किया जाएगा। इसके उपरांत 8 जून से 7 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन एवं गणना प्रपत्र भरने का कार्य करेंगे। इसी अवधि में मतदान केंद्रों का युक्तिकरण भी किया जाएगा। मतदाता सूची के मसौदे का प्रकाशन 14 जुलाई को किया जाएगा, जबकि 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण 14 जुलाई से 11 सितंबर तक किया जाएगा तथा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना तथा मृत, स्थानांतरित, अपात्र एवं डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाकर मतदाता सूची को अधिक विश्वसनीय और अद्यतन बनाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एन्यूमरेशन चरण के दौरान किसी भी प्रकार के दस्तावेज एकत्र नहीं किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है अथवा किसी कारणवश हट गया है, तो वह प्रारूप-6 एवं घोषणा पत्र के माध्यम से अपना नाम पुनः दर्ज करा सकता है। प्रारूप सूची प्रकाशित होने के बाद प्राप्त सभी दावों एवं आपत्तियों का नियमानुसार निस्तारण किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों से अपने कार्यकर्ताओं तथा बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के प्रति जागरूक करने तथा बीएलओ को आवश्यक सहयोग प्रदान करने का आह्वान किया, ताकि अभियान को निष्पक्ष, प्रभावी एवं त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराया जा सके।

बैठक से पूर्व जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ ईवीएम वेयरहाउस का रूटीन निरीक्षण भी किया। बैठक में भाजपा के मनोज सिंह, कांग्रेस के दिनेश गौड़, प्रदीप सिंह एवं सुधीश पंवार, बसपा के बुद्धिलाल, आम आदमी पार्टी के दीपक चंद रमोला, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश मोहन राणा सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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