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विकास कार्यों में लापरवाही पर डीएम सख्त, अधिकारियों को चेतावनी

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने आज ऋषिपर्णा सभागार कलेक्टेट में जनपद में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं एवं मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागवार कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने तथा प्रगति में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान शहर में संचालित सीवर लाइन, पेयजल लाइन एवं विद्युत लाइनों के अंडरग्राउंड कार्य कटिंग अनुमति न मिलने के कारण प्रभावित होने की जानकारी अधिकारियों द्वारा दी गई। इस पर जिलाधिकारी ने ऐसे सभी लंबित मामलों की विस्तृत सूची तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यक स्तर पर समन्वय स्थापित कर कार्यों को गति प्रदान की जा सके।
जिलाधिकारी ने विकास कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति सुनिश्चित करने के लिए मुख्य विकास अधिकारी को विभिन्न विभागों द्वारा संचालित कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग एवं स्थलीय सत्यापन से कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।
बैठक में मोहब्बेवाला क्षेत्र में ट्यूबवेल, ओवरहेड टैंक एवं राइजिंग मेन बिछाने के कार्यों में विलंब पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बैठक में उपस्थित जल संस्थान पित्थूवाला के संबंधित एई को वेतन रोकने की चेतावनी दी। दून एनक्लेव एक्सटेंशन क्षेत्र में प्रस्तावित नलकूप निर्माण कार्य की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए, ताकि परियोजना का कार्य समय पर प्रारंभ किया जा सके।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग एवं रिचार्ज शॉफ्ट निर्माण कार्यों की समीक्षा में बताया गया कि कुल 51 कार्य स्वीकृत हैं, जिनमें से 22 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। जिलाधिकारी ने लघु सिंचाई विभाग को शेष कार्यों की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य 30 जून तक पूर्ण कर लिए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि निरीक्षण के दौरान यदि किसी स्थल का चयन अनुचित अथवा त्रुटिपूर्ण पाया गया तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध वेतन रोकने सहित नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने लगभग 218 करोड़ रुपये की लागत के लंबित कार्यों पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा देरी के कारणों पर अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने निर्देश दिए कि सड़क निर्माण, पुल निर्माण एवं अन्य अधोसंरचनात्मक परियोजनाओं को प्राथमिकता के साथ तेजी से पूर्ण किया जाए। जिलाधिकारी ने भंडारी बाग ओवरब्रिज निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना को अगस्त माह से पूर्व हर हाल में पूर्ण किया जाए, ताकि आमजन को यातायात संबंधी सुविधा का लाभ मिल सके।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं एवं विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्यों को पूर्ण करें तथा जनहित से जुड़े कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ मनोज शर्मा, निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनिल कुमार, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी एस.के गिरि, सहित संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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