रामनगर।
वन संरक्षण और वन्यजीवों की सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले रामनगर के दो वन कर्मियों को उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने सम्मानित किया है। नैनीताल में आयोजित विशेष समारोह में राज्यपाल ने वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित करते हुए वन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की।
तराई पश्चिमी वन प्रभाग के वन कर्मी विजेंद्र अधिकारी को अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने, वन संपदा को तस्करों से सुरक्षित रखने तथा विभागीय दायित्वों का कुशलता और समर्पण के साथ निर्वहन करने के लिए सम्मानित किया गया। वहीं, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की वन कर्मी प्रेमा बिष्ट को बाघों की निगरानी और बाघ गणना कार्यक्रम में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए राज्यपाल सम्मान से नवाजा गया।
इस उपलब्धि से वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में उत्साह का माहौल है। तराई पश्चिमी वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी पी.सी. आर्य ने कहा कि अधीनस्थ कर्मचारियों को राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया जाना पूरे विभाग के लिए गौरव की बात है और इससे अन्य कर्मचारियों को भी अपने दायित्वों का और अधिक निष्ठा के साथ निर्वहन करने की प्रेरणा मिलेगी।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक साकेत बडोला ने कहा कि प्रेमा बिष्ट ने बाघ गणना अभियान में सराहनीय योगदान दिया है। राज्यपाल से मिला यह सम्मान न केवल उनके लिए बल्कि पूरे कॉर्बेट परिवार के लिए गर्व का विषय है।
वन एवं वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में समर्पण, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर प्राप्त यह सम्मान रामनगर के लिए भी गौरव का विषय बन गया है। राज्यपाल द्वारा सम्मानित किए गए इन दोनों वन कर्मियों की उपलब्धि से विभाग के अन्य कर्मचारियों में भी नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है।


