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डीडीआरसी के वार्षिक बजट को मंजूरी, दिव्यांगजनों के लिए अस्पताल परिसर में कैंटीन संचालन की कार्ययोजना बनाने के निर्देश

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Vijaya Dimri
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Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

जिलाधिकारी देहरादून के निर्देशों के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जिला दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी), गांधी शताब्दी जिला राजकीय चिकित्सालय, देहरादून की त्रैमासिक जिला प्रबंध समिति (डीएमटी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्र द्वारा विगत छह माह में किए गए कार्यों, उपलब्धियों एवं भविष्य की कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने बताया कि डीडीआरसी द्वारा पिछले छह माह के दौरान 950 दिव्यांगजनों के नवीन यूडीआईडी (UDID) कार्ड बनाए गए, जबकि 95 यूडीआईडी कार्डों का नवीनीकरण किया गया। उन्होंने बताया कि केंद्र के माध्यम से दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण-पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड बनवाने में सहायता एवं समन्वय प्रदान किया जाता है। साथ ही पात्र लाभार्थियों को व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, श्रवण यंत्र, कृत्रिम अंग, बैसाखी, ब्रेल किट सहित विभिन्न सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं।

उन्होंने अवगत कराया कि केंद्र में फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, स्पीच थेरेपी एवं मनोवैज्ञानिक परामर्श जैसी पुनर्वास सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके अतिरिक्त दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन, छात्रवृत्ति, कौशल विकास, स्वरोजगार एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य भी किया जा रहा है। स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर दिव्यांगजनों को आवश्यक सेवाएं समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही समय-समय पर जागरूकता एवं स्क्रीनिंग शिविर आयोजित कर दिव्यांगता की प्रारंभिक पहचान एवं जनजागरूकता को बढ़ावा दिया जा रहा है।

बैठक में जिला प्रबंध समिति द्वारा डीडीआरसी के वर्षभर के संचालन हेतु लगभग ₹25 लाख के वार्षिक बजट का अनुमोदन किया गया। साथ ही केंद्र की कार्यक्षमता को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए एक नवीन कंप्यूटर, प्रिंटर तथा फिजियोथेरेपी हेतु आवश्यक उपकरण एवं अन्य सामग्री क्रय किए जाने की भी स्वीकृति प्रदान की गई।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने निर्देशित किया कि गांधी शताब्दी जिला राजकीय चिकित्सालय परिसर में दिव्यांगजनों द्वारा संचालित एक कैंटीन स्थापित किए जाने की कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे दिव्यांगजनों को स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने जिला समाज कल्याण अधिकारी को इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिला दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र के माध्यम से दिव्यांगजनों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं, सहायक उपकरणों एवं विभिन्न योजनाओं का सोशल मीडिया एवं अन्य जनसंचार माध्यमों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र दिव्यांगजन इन सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।

बैठक में डीडीआरसी की नोडल अधिकारी ललिता चमोली, डॉ. कपिल पूनिया, राजकीय दून चिकित्सालय एवं राजकीय कोरोनेशन चिकित्सालय के चिकित्सक तथा समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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