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इटावा: वायरल इन्फेक्शन से दो बच्चों की मौत और आठ बीमार, PHC नदारद

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

गढ़ाकासदा गांव में वायरल इन्फेक्शन से दो बच्चों की मौत हो गई, और आठ अन्य बीमार हैं। एक बच्चा अभी शहर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल के ICU में भर्ती है। गुरुवार और शुक्रवार को हुई मौतों के बाद, हेल्थ डिपार्टमेंट की टीम गांव पहुंची और पांच बीमार बच्चों के सैंपल लिए; उनके डेंगू, टाइफाइड और मलेरिया के टेस्ट की रिपोर्ट नेगेटिव आई। गांव वालों ने कहा कि लोकल प्राइमरी हेल्थ सेंटर (PHC) पर डॉक्टर न होने की वजह से उन्हें झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज करवाना पड़ा।

गढ़ाकासदा के महेंद्र दोहरे ने बताया कि उनका बेटा सतेंद्र दोहरे (13) तीन दिन से बीमार था। गुरुवार रात को लड़के को उल्टी और दस्त हुए और कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। इसी तरह, मुकेश सिंह की बेटी गुनगुन (12) की हालत भी शुक्रवार दोपहर को बिगड़ गई, जो 3 दिन से बीमार थी। उसके घरवाले उसे इलाज के लिए औरैया के बाबरपुर में एक प्राइवेट डॉक्टर के पास ले गए, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मरा हुआ घोषित कर दिया। इस बीच, अरविंद का बेटा आशिक (8) शहर के एक प्राइवेट अस्पताल के ICU में भर्ती है।

दूसरे बीमार बच्चों में कुणाल (क्लास 2, मुकेश कठेरिया का बेटा), मीनाक्षी (मुकेश की बेटी), प्रिंसी और शिवानी (क्लास 7, अरविंद की बेटियां), काजल (क्लास 8, अरविंद की बेटी), आर्यन (क्लास 2, श्रीकृष्ण दोहरे का बेटा), और राघव (1.5 साल का, प्रेम सिंह का बेटा) शामिल हैं।

“हमें बीमारी से दो बच्चों की मौत की खबर मिली है। डॉक्टरों की एक टीम गांव में हालात पर नज़र रख रही है।” : रोहित कुमार मौर्य, SDM, चकरनगर

“जिन बच्चों की मौत हुई, वे पहले से बीमार थे। उनके घरवालों ने हमें पहले नहीं बताया और उनका इलाज झोलाछाप डॉक्टरों से करवा रहे थे। मैंने गांव में चेक-अप के लिए मेडिकल कैंप लगाया और सभी बीमार लोगों को दवाइयां दीं। गांव पर नज़र रखी जा रही है।” : डॉ. महेश पाल, सुपरिटेंडेंट, CHC राजपुर

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