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उद्योगों के लिए नियामक नहीं, सहयोगी और सहभागी की भूमिका निभा रही राज्य सरकार : मुख्यमंत्री

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हरिद्वार में आयोजित 7वें सीआईआई उत्तराखण्ड इंडस्ट्रियल समिट एंड एक्सपो-2026 में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार आध्यात्मिक नगरी होने के साथ उत्तराखण्ड के औद्योगिक विकास का भी एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। इस प्रकार के आयोजन उद्योग, व्यापार, निवेश और नवाचार को एक साझा मंच प्रदान करने के साथ राज्य के आर्थिक विकास को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य की आर्थिक प्रगति में उद्यमियों, व्यापारियों और निवेशकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उद्योगों की स्थापना से रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं, नई तकनीक और नवाचार को बढ़ावा मिलता है तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। राज्य सरकार का प्रयास है कि उत्तराखण्ड में उद्योगों के लिए सुरक्षित, पारदर्शी और सरल व्यवस्था उपलब्ध हो तथा सरकार एक नियामक के बजाय सहयोगी और सहभागी की भूमिका निभाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड को विकसित, आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त राज्य बनाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार से राज्य में औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों के लिए अनुकूल वातावरण बना है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, चारधाम सड़क परियोजना और लगातार बेहतर हो रही कनेक्टिविटी से लॉजिस्टिक्स सुविधाओं में भी सुधार हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में 29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिनके माध्यम से लगभग 1.27 लाख युवाओं को रोजगार मिला है। निवेशकों और उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘निवेश मित्र’ की व्यवस्था की गई है। सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत करते हुए 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का युवा केवल नौकरी मांगने वाला न बने, बल्कि दूसरों को भी रोजगार देने वाला बने, इस उद्देश्य से स्टार्टअप और नवाचार को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। उत्तराखण्ड स्टार्टअप नीति लागू करने के साथ स्टार्टअप्स को वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने के लिए 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि ऊधमसिंह नगर के खुरपिया में लगभग 1,002 एकड़ क्षेत्र में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति देने के साथ निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास को केवल मैदानी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष औद्योगिक पार्कों की दिशा में कार्य किया जा रहा है। छोटे उद्यमियों को आधुनिक औद्योगिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हरिद्वार में फ्लैटेड फैक्ट्री विकसित की जा रही है तथा भविष्य में सेलाकुई और पंतनगर में भी इस प्रकार की सुविधाएं विकसित करने की योजना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पारंपरिक उत्पादों, हस्तशिल्प और स्थानीय उद्यमों को बड़े बाजार से जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। फार्मा, हर्बल, आयुष, इंजीनियरिंग और ऑटो-कंपोनेंट जैसे क्षेत्रों में भी उत्तराखण्ड तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की उद्योग अनुकूल नीतियों को राष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली है। बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान में उत्तराखण्ड को ‘टॉप अचीवर्स’ श्रेणी में स्थान मिला है। एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स-2024 में भी उत्तराखण्ड ने अपनी श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने उद्यमियों और निवेशकों का आह्वान किया कि वे उत्तराखण्ड में उपलब्ध संभावनाओं का लाभ उठाते हुए निवेश और रोजगार सृजन में भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों को सुरक्षित वातावरण, पारदर्शी व्यवस्था, सरल प्रक्रियाएं और बेहतर निवेश अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को आध्यात्मिक शक्ति केंद्र के साथ आर्थिक रूप से भी सशक्त राज्य बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है। इसमें उद्योग जगत, व्यापारियों, निवेशकों और युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सीआईआई की पूरी टीम और आयोजन से जुड़े सभी लोगों को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा औद्योगिक इकाई द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया गया।

मुख्यमंत्री ने इससे पहले पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे पुलिस जवानों से मुलाकात की। उन्होंने जवानों का हालचाल जाना और प्रशिक्षण से संबंधित जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने जवानों का हौसला बढ़ाते हुए उनका उत्साहवर्धन किया तथा पूरी लगन और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि उद्योग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। हरिद्वार में आयोजित इंडस्ट्री कार्यक्रम उत्तराखंड के औद्योगिक विकास में नया आयाम स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए उद्योग जगत को गुणवत्ता और नवाचार के साथ आगे बढ़ना होगा। संकल्प और इच्छाशक्ति मजबूत हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। भारत आत्मनिर्भर, स्वाभिमानी और वैश्विक स्तर पर मजबूत राष्ट्र बन सकता है। पिछले वर्षों में हाईवे, रेलवे, एयरपोर्ट, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है।

कार्यक्रम में रानीपुर विधायक आदेश चौहान, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतिस्वरानंद, अध्यक्ष शिवालिकनगर नगर पालिका राजीव शर्मा, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, राज्य मंत्री आदेश सैनी, विक्रम भुल्लर, अध्यक्ष सीआईआई उत्तराखंड संजय अग्रवाल, वाइस चेयरमैन सीआईआई उत्तरखण्ड सौरव दास, इंडस्ट्री सेक्रेटरी विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, प्रबंध निदेशक सिडकुल सौरव गहवार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, निदेशक सीआईआई उत्तराखंड गौरव लांबा, चेयरपर्सन सीआईआई उत्तरखण्ड सोनिया, संदीप जैन सहित उद्योग एवं व्यापार जगत के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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