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600 मेगावाट की इछाड़ी पंप्ड स्टोरेज परियोजना की डीपीआर स्वीकृत; लखवाड़ परियोजना के विद्युत यांत्रिक कार्यों को भी मिली मंजूरी

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

यूजेवीएन लिमिटेड के निदेशक मंडल की 136वीं बैठक आज सचिवालय में मुख्य सचिव, उत्तराखंड शासन एवं निगम के अध्यक्ष श्री आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में निगम की प्रमुख परियोजनाओं, वित्तीय प्रबंधन तथा कार्मिक हितों से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा कर उन्हें स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक की जानकारी देते हुए यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री अजय कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड की विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ाने तथा भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में निदेशक मंडल ने 600 मेगावाट क्षमता की इछाड़ी पंप्ड स्टोरेज परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को स्वीकृति प्रदान की है। यह प्रदेश में ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने और अधिकतम मांग के समय विद्युत की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

श्री सिंह ने बताया कि इछाड़ी पंप्ड स्टोरेज परियोजना से पीक आवर्स में प्रतिवर्ष लगभग 1,246 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन का अनुमान है। परियोजना के क्रियान्वयन से अधिकतम मांग के समय राज्य की विद्युत आवश्यकताओं की पूर्ति में सहायता मिलने की उम्मीद है। साथ ही, पीक आवर्स में बिजली की उपलब्धता बढ़ने से अन्य राज्यों या संस्थानों से विद्युत पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। परियोजना का वास्तविक आर्थिक लाभ बिजली की उपलब्धता, परिचालन लागत तथा उस समय प्रचलित विद्युत दरों सहित विभिन्न कारकों पर निर्भर करेगा।

उन्होंने बताया कि पंप्ड स्टोरेज तकनीक में कम मांग के समय या अतिरिक्त बिजली उपलब्ध होने पर पानी को पंप करके ऊंचाई पर स्थित जलाशय में पहुंचाया जाता है। आवश्यकता के समय पानी को नीचे छोड़कर टरबाइन के माध्यम से विद्युत उत्पादन किया जाता है। इस प्रकार ऊर्जा का भंडारण कर उसका उपयोग मांग बढ़ने पर किया जा सकता है। यह तकनीक सौर एवं अन्य अक्षय ऊर्जा स्रोतों से उपलब्ध अतिरिक्त बिजली के बेहतर उपयोग, विद्युत मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन तथा ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने में सहायक हो सकती है। इससे राज्य की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलने की भी उम्मीद है।

निदेशक मंडल के अन्य निर्णयों की जानकारी देते हुए श्री सिंह ने बताया कि 300 मेगावाट की लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना के विद्युत यांत्रिक कार्यों से संबंधित प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त, परियोजना के विभिन्न हाइड्रो-मैकेनिकल कार्यों की निविदाएं तैयार करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इन निर्णयों से परियोजना के आगामी कार्यों को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी।

श्री सिंह ने बताया कि पेंशन योजना के लाभ से आच्छादित नहीं होने वाले कार्मिकों के हित में अनुग्रह क्षतिपूर्ति धनराशि से संबंधित प्रस्ताव को भी निदेशक मंडल द्वारा अनुमोदित किया गया है। इसके अतिरिक्त, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वैधानिक लेखापरीक्षक की नियुक्ति के प्रस्ताव तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 की लागत लेखापरीक्षा रिपोर्ट को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में मुख्य सचिव, उत्तराखंड शासन एवं अध्यक्ष, यूजेवीएन लिमिटेड श्री आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव ऊर्जा डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव वित्त श्री दिलीप जावलकर, स्वतंत्र निदेशक श्री इंदू कुमार पाण्डे एवं श्री पराग गुप्ता, यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री अजय कुमार सिंह, निदेशक परिचालन श्री जी.एस. बुदियाल, अधिशासी निदेशक श्री सुधाकर बडोनी एवं श्री आशीष कुमार जैन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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