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गैरसैंण में विधानसभा सत्र का आगाज आज, अनुपूरक बजट पेश करेगी धामी सरकार; ग्राम प्रधान करेंगे घेराव

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

गैरसैंण (चमोली)। उत्तराखंड विधानसभा का दो दिवसीय सत्र, 27 अक्टूबर से ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में शुरू हो रहा है। सत्र के लिए प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत कैबिनेट मंत्री और विधायक भराड़ीसैंण पहुंच गए हैं। सत्र के पहले दिन सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 की अनुपूरक अनुदान मांगें सदन में प्रस्तुत करेगी। इसके साथ ही विभिन्न विभागों से जुड़े विधेयकों, अध्यादेशों और रिपोर्टों को सदन के पटल पर रखने की कार्यवाही भी प्रस्तावित है। वहीं, ग्राम पंचायतों की मांगों को लेकर प्रदेश भर के ग्राम प्रधानों ने विधानसभा घेराव का कार्यक्रम रखा है।

विधानसभा की ओर से जारी कार्यसूची के अनुसार, सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे वंदे मातरम के साथ शुरू होगी। इसके बाद निधन संबंधी निर्देश होंगे। दोपहर तीन बजे से सदन में वित्तीय और विधायी कामकाज आगे बढ़ेगा। पहले दिन की प्रमुख कार्यवाही वित्तीय वर्ष 2026-27 की अनुपूरक अनुदान मांगों की प्रस्तुति होगी। मुख्यमंत्री सदन में अनुपूरक बजट पेश करेंगे। हालांकि, कार्यसूची में अनुपूरक बजट की कुल धनराशि का उल्लेख नहीं किया गया है। सरकार चालू वित्तीय वर्ष में निर्धारित बजट से अतिरिक्त आवश्यक खर्चों के लिए सदन से मंजूरी मांगेगी।

विभिन्न विधेयक और रिपोर्ट भी होंगी पेश

सत्र के पहले दिन छठे राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट और सरकार की ओर से की गई कार्रवाई से संबंधित विवरण भी सदन के पटल पर रखे जाने हैं। इसके अलावा उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग की वर्ष 2019-22 की वार्षिक एवं विशेष रिपोर्ट पर सरकार की कार्रवाई से संबंधित प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। विधानसभा की विभिन्न विशेषाधिकार समितियों के प्रतिवेदन भी सदन के सामने रखे जाएंगे।

कार्यसूची में सिंचाई जल निकासी विधेयक, 2026, राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2026, निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 तथा जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) द्वितीय विधेयक, 2026 समेत कई विधेयकों को पुनर्स्थापित करने की कार्यवाही शामिल है। इनके अलावा अल्पसंख्यक शिक्षा, सिविल विधि, अग्निशमन एवं आपात सेवा, माल और सेवा कर तथा निजी विश्वविद्यालयों से जुड़े विधेयकों पर भी कार्यवाही प्रस्तावित है।

विपक्ष उठा सकता है बेरोजगारी और कानून व्यवस्था के मुद्दे

सत्र के दौरान प्रदेश के विभिन्न मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच चर्चा होने की संभावना है। कांग्रेस ने बेरोजगारी, महंगाई, कानून व्यवस्था और जोशीमठ आपदा जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। वहीं, सरकार की ओर से अनुपूरक बजट के माध्यम से चालू वित्तीय वर्ष के अतिरिक्त खर्चों के लिए सदन की मंजूरी मांगी जाएगी। सत्र में जनहित से जुड़े मुद्दों और विभिन्न विभागों के कामकाज पर भी चर्चा होने की संभावना है।

ग्राम प्रधान करेंगे विधानसभा का घेराव

विधानसभा सत्र के दौरान ग्राम पंचायतों के अधिकारों में कटौती और लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर ग्राम प्रधानों ने भी आंदोलन का कार्यक्रम तय किया है। प्रदेश प्रधान संगठन उत्तराखंड की ओर से आज भराड़ीसैंण में विधानसभा घेराव किया जाएगा। संगठन को प्रदेशभर से बड़ी संख्या में ग्राम प्रधानों के पहुंचने की उम्मीद है।

संगठन के अनुसार, ग्राम प्रधान अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। इससे पहले देहरादून में सचिवालय कूच के दौरान सरकार की ओर से मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। हालांकि, संगठन का कहना है कि लंबा समय बीतने के बाद भी मांगों से संबंधित फाइलें शासन स्तर पर विचाराधीन हैं। इससे ग्राम प्रधानों में नाराजगी है।

आंदोलन और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने भराड़ीसैंण क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की है। ऐसे में विधानसभा सत्र के दौरान सदन के भीतर बजट और विधायी कामकाज के साथ ही बाहर ग्राम प्रधानों के प्रदर्शन पर भी नजर रहेगी।

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