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अर्धकुंभ-2027 से पहले हरिद्वार को मिलेगी बड़ी सौगात, दिसंबर में खुल सकता है नया कॉरिडोर

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

हरिद्वार। अर्धकुंभ-2027 की तैयारियों के बीच दिल्ली से हरिद्वार पहुंचना आसान होने जा रहा है। 51 किलोमीटर लंबे छह लेन के स्पर-टू हरिद्वार कॉरिडोर का निर्माण 95 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के अनुसार, परियोजना का शेष काम तेजी से किया जा रहा है और दिसंबर में मार्ग को यातायात के लिए खोलने का लक्ष्य है।

 

कॉरिडोर शुरू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर से हरिद्वार आने वाले यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। इससे अर्धकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम होने की उम्मीद है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को एक कार्यक्रम में दिल्ली से हरिद्वार की कनेक्टिविटी बेहतर बनाने और अगले महीने नया मार्ग खोलने की दिशा में काम किए जाने की बात कही थी।

 

बहादराबाद के पास काम शेष

 

एनएचएआइ के अनुसार, 51 किलोमीटर लंबे छह लेन के एक्सेस कंट्रोल्ड स्पर-टू हरिद्वार कॉरिडोर का अधिकांश निर्माण पूरा हो चुका है। बहादराबाद टोल प्लाजा के पास एक छोटे हिस्से में काम बाकी है, जिसे जल्द पूरा करने की उम्मीद है।

 

यह कॉरिडोर सहारनपुर के हलगोया मुस्तकम से शुरू होकर भगवानपुर, सालियर और कलियर होते हुए भड़ेड़ी राजपूताना के रास्ते बहादराबाद के पास मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्ग-58 से जुड़ रहा है। यह मार्ग दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे से भी जुड़ा है और हरिद्वार के साथ चारधाम यात्रा की यातायात व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

अर्धकुंभ में श्रद्धालुओं को मिलेगी सुविधा

 

अर्धकुंभ-2027 के दौरान दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की उम्मीद है। इसके अलावा, वर्षभर होने वाले स्नान पर्वों पर भी दिल्ली-एनसीआर से बड़ी संख्या में लोग हरिद्वार आते हैं। नया कॉरिडोर शुरू होने से इन यात्रियों को आवाजाही में सुविधा मिल सकती है।

 

परियोजना के शुरू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर से हरिद्वार पहुंचने में ढाई घंटे से कम समय लगने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, वास्तविक यात्रा समय यातायात और मार्ग की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

 

कारोबारियों और स्थानीय लोगों को भी होगा लाभ

 

नए मार्ग का फायदा केवल अर्धकुंभ तक सीमित नहीं रहेगा। हरिद्वार के होटल, धर्मशाला, परिवहन, खानपान और स्थानीय बाजारों से जुड़े कारोबारियों को पर्यटकों की सुगम आवाजाही का लाभ मिलने की संभावना है। वहीं, सिडकुल के मालवाहक वाहनों और स्थानीय लोगों के लिए भी यातायात प्रबंधन बेहतर होने पर आवागमन आसान हो सकता है।

 

एनएचएआइ के रुड़की परियोजना के अधिशासी अभियंता अतुल शर्मा ने बताया कि स्पर-टू हरिद्वार कॉरिडोर का 95 प्रतिशत से अधिक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्यों को तेजी से पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। लक्ष्य है कि दिसंबर में मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया जाए। इसके शुरू होने से दिल्ली और हरिद्वार के बीच आने-जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा।

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