spot_img
spot_img

समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री

More articles

Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग की विभिन्न पेंशन योजनाओं के अंतर्गत माह अक्टूबर 2026 की पेंशन धनराशि डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कुल 9 लाख 99 हजार 484 लाभार्थियों के खातों में ₹148 करोड़ 18 लाख 84 हजार 500 की धनराशि हस्तांतरित की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के कमजोर, वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से और समय पर प्राप्त हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में केंद्र एवं राज्य सरकार समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। डीबीटी व्यवस्था से लाभार्थियों के खातों में सीधे धनराशि पहुंचने से पारदर्शिता बढ़ी है तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब की संभावना कम हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वृद्धजनों के सम्मान, विधवा महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा तथा दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण को विशेष प्राथमिकता दे रही है। पेंशन योजनाएं जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने के साथ ही उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने में सहायता कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को सामाजिक सुरक्षा और सम्मान प्रदान करना भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वृद्धावस्था एवं दिव्यांगता के कारण कुछ लाभार्थियों को पेंशन संबंधी दस्तावेज तैयार कराने और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर लगभग 7 हजार लाभार्थियों को विशेष प्रावधानों के अंतर्गत आधार के अभाव में भी पेंशन का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक सुरक्षा पेंशन की धनराशि प्रत्येक माह समय पर लाभार्थियों के खातों में पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। दीपावली से पूर्व पेंशन की धनराशि लाभार्थियों तक पहुंचाने की दिशा में भी विशेष प्रयास किए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेंशन योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखते हुए पात्र लाभार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न होने दी जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उनका लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। उन्होंने सभी लाभार्थियों को आगामी दीपावली, धनतेरस, भैयादूज और गोवर्धन पूजा की शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, सुख-शांति और कुशलता की कामना की।

बैठक में जानकारी दी गई कि अक्टूबर 2026 में वृद्धावस्था पेंशन के 6 लाख 24 हजार 616 लाभार्थियों को ₹93.69 करोड़, विधवा पेंशन के 2 लाख 39 हजार 527 लाभार्थियों को ₹35.93 करोड़ तथा दिव्यांग पेंशन के 89 हजार 971 लाभार्थियों को ₹13.50 करोड़ की धनराशि हस्तांतरित की गई। इसके अतिरिक्त किसान पेंशन के 27 हजार 92, परित्यक्ता पेंशन के 8 हजार 442, भरण-पोषण अनुदान के 7 हजार 461, तीलू रौतेली पेंशन के 2 हजार 248 तथा बौना पेंशन के 127 लाभार्थियों को भी पेंशन धनराशि का भुगतान किया गया। इस प्रकार कुल 9 लाख 99 हजार 484 लाभार्थियों को ₹148.18 करोड़ की धनराशि हस्तांतरित की गई।

इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री श्री खजान दास, अपर सचिव श्री विक्रम यादव, निदेशक जनजाति कल्याण श्री संजय टोलिया, समाज कल्याण विभाग से संयुक्त सचिव श्री धीरेन्द्र सिंह, संयुक्त निदेशक श्री गीताराम नौटियाल तथा सहायक निदेशक श्रीमती हेमलता पाण्डेय उपस्थित थे।

-Advertisement-

-Advertisement-

-Advertisement-spot_img
-Advertisement-spot_img
Download Appspot_img