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बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपी प्रमोद नौटियाल को हाईकोर्ट से मिली जमानत; राज्य सरकार ने किया विरोध

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

नैनीताल। बदरीनाथ धाम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में जेल में बंद आरोपी प्रमोद नौटियाल को उत्तराखंड हाईकोर्ट से राहत मिली है। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को उनकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली। न्यायमूर्ति आलोक महरा की एकलपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश दिया। आरोपी पर मंदिर में चढ़ावे की गणना के दौरान धनराशि लेने का आरोप है।

 

मामले के अनुसार, इस वर्ष बदरीनाथ थाने में प्रमोद नौटियाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 306, 316(5), 317(2) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि मंदिर में ‘थाली भेंट गणना’ के दौरान वह कुछ धनराशि लेते हुए दिखाई दिए थे। इस मामले में पुलिस ने उन्हें 12 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया था।

 

गिरफ्तारी के 16 दिन बाद दिखाई गई बरामदगी

 

जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के 16 दिन बाद, 28 जुलाई 2026 को उनकी निशानदेही पर पांच हजार रुपये की कथित बरामदगी दिखाई गई थी। यह बरामदगी बदरीनाथ मंदिर की एक धर्मशाला के कमरे से बताई गई, जो सार्वजनिक स्थान है और जहां श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है।

 

बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि आरोपी के आवास से शालिग्राम के अलावा कोई अन्य आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई। आरोपी देहरादून का स्थायी निवासी है। मामले की जांच पूरी हो चुकी है और आरोपपत्र भी दाखिल किया जा चुका है। ऐसे में मुकदमे की सुनवाई में लंबा समय लगने की संभावना को देखते हुए जमानत दी जानी चाहिए।

 

राज्य सरकार ने किया जमानत का विरोध

 

राज्य सरकार की ओर से आरोपी की जमानत का विरोध किया गया। हालांकि, अभियोजन पक्ष ने आरोपपत्र दाखिल होने और गिरफ्तारी के काफी समय बाद कथित बरामदगी किए जाने के तथ्यों से इनकार नहीं किया।

 

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी और बरामदगी के बीच के समयांतराल, आरोपों की प्रकृति, आरोपी की हिरासत की अवधि और मामले की समग्र परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जमानत मंजूर कर ली। अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत देने के आदेश का मुकदमे के गुण-दोष पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

 

जमानत के साथ लगाईं ये शर्तें

 

हाईकोर्ट ने जमानत देते हुए आरोपी पर कई शर्तें भी लगाई हैं। उन्हें गवाहों को धमकाने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने से रोकने के निर्देश दिए गए हैं। अदालत की पूर्व अनुमति के बिना वह देश नहीं छोड़ सकेंगे। इसके अलावा उन्हें मुकदमे की सुनवाई में सहयोग करना होगा और अपना वर्तमान पता व मोबाइल नंबर जांच अधिकारी तथा अदालत को उपलब्ध कराना होगा।

 

अदालत ने स्पष्ट किया है कि जमानत की शर्तों का उल्लंघन होने पर अभियोजन पक्ष उनकी जमानत रद्द करने की मांग कर सकता है। गौरतलब है कि जुलाई में सामने आया बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावा चोरी का यह मामला उस समय काफी सुर्खियों में रहा था।

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