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चालदा महासू देवता की डोली यात्रा में हजारों की संख्या में उमडे़ श्रद्धालु , सतपाल महाराज ने की शिरकत

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

67 वर्षों के बाद खत समाल्टा में चालदा देवता के आगमन को लेकर ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। आज चकराता स्थित जौनसार बावर क्षेत्र के मोहना धाम में श्री चालदा महासू महाराज के दर्शनों और उनकी पावन डोली यात्रा में शामिल होने के लिए भक्तों का अपार जनसमूह दिखाई दिया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने जौनसार बावर क्षेत्र स्थित मोहना धाम पहुंचे और चालदा महासू महाराज के दर्शन करने के साथ-साथ डोली यात्रा में भी शामिल हुए।बता दें कि जौनसार बावर के आराध्य देव चालदा महासू देवता का 67 वर्षों बाद खत पट्टी समाल्टा में 23 नवम्बर को नवनिर्मित मन्दिर में विराजमान होंगे। समाल्टा खत के सभी ग्रामीण महिला पुरूष ने पारंपरिक वेशभूषा में हारूल नृत्य किया। देवता को लाने के लिए 400 लोग महासू मंदिर पहुंचे। इस दौरान सभी ग्रामीण और श्रद्धालुओं ने महासू देवता के जयकारे लगाये। इस दौरान सतपाल महाराज ने कहा कि महासू देवता जौनसार बाबर जनजाति क्षेत्र ही नहीं बल्कि हिमाचल प्रदेश तक माने जाने वाले देवों के देव इष्ट देव हैं। उन्होंने बताया कि चार भाई महासू में से चालदा महासू महाराज पवित्र मोहना धाम के भवन में विराजमान थे जो कि अब यहाँ से समाल्टा के लिए प्रस्थान कर चुके हैं।

आपको बता दें कि मोहना गांव सात खतों मोहना, द्वार, विशलाड, बोन्दूर, तपलाड, अटगांव और बंणगांव का मुख्य केन्द्र है। धार्मिक मान्यता है कि हूंणा भाट ब्राह्मण द्वारा खेत में चौथी सींह (हल की रेखा) लगते ही चालदा महाराज स्वयं ही प्रकट हुए थे। चालदा महाराज हमेंशा क्षेत्र भ्रमण पर रहते हैं। वह एक स्थान पर अधिक समय तक निवास नहीं रहते इसलिए उन्हें चालदा महाराज कहा जाता है।

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