राजकीय महाविद्यालय पौखाल के अंतर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना का सात दिवसीय विशेष शिविर का आज दिनाँक 22 मार्च से 28 मार्च 2022 तक राजकीय प्राथमिक विद्यालय मोलनो, विकास खण्ड भिलंगना टिहरी गढ़वाल में एन. एस. एस.प्रभारी डॉ संदीप कुमार के निर्देशन में शुभारंभ हो गया है। शिविर का उद्धघाटन उप प्रधान श्री हिकमत रावत, अभिभावक शिक्षक संघ के अध्यक्ष श्री जयवीर रावत एवं महाविद्यालय पौखाल के प्राचार्य प्रो. ए. एन. सिंह जी ( गूगल मीट ऑनलाइन) के द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित करके किया गया। शिविर के दौरान कार्यक्रम में डॉ संदीप कुमार एन. एस. एस. प्रभारी ने सभी स्वयं सेवियों को राष्ट्रीय सेवा योजना के महत्व और इसके उद्देश्य के विषय मे अवगत कराते हुए 7 दिन की कार्ययोजना भी प्रस्तुत की।
ऑनलाइन माध्यम से महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो.ए.एन.सिंह जी ने कहा कि सात दिवसीय शिविर आप सभी में नई चेतना का निर्माण करेगा, समाज, राष्ट्र की भावना और सेवा भाव को बढ़ाने में सहयोग करेगा। मानव जीवन बहुत महत्वपूर्ण है हमे इसका उपयोग सेवा भाव, नैतिक मूल्यों एवं समाज के विकास में लगाना चाहिये। उद्धघाटन सत्र में महाविद्यालय के अभिभावक शिक्षक संघ के अध्यक्ष श्री जयवीर रावत जी ने कहा कि सेवा ही हमारा एक मात्र उद्देश्य होना चाहिये। महाविद्यालय के विकास के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिये। आज हमारे महाविद्यालय में सभी विषयों के प्राध्यापक हैं जो अध्यापन का कार्य कर रहे हैं आप सभी को अपने ज्ञानवर्धन में अपने प्राध्यापकों का सहयोग लेना चाहिए है। शिवर में आप सभी को नया सीखने का अवसर मिलेगा निश्चित ही आप सभी को इसका लाभ मिलेगा तथा कैम्प की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी। उप प्रधान श्री हिकमत रावत जी ने सभी स्वयंसेवियों से कहा कि मोलनो ग्राम सभा मे बहुत सी मातृ शक्ति अभी भी निरक्षर हैं, लेकिन उनके बच्चे आज महाविद्यालय में पढ़ रहे हैं ,ये देखकर खुशी होती हैं और आज ये बच्चें सेवा भाव से एन एस एस का एक अभिन्न अंग है ,देखकर बहुत खुशी होती है। प्रधान जी ने कहा कि इस सात दिवसीय शिविर में सहयोग के लिए ग्रामसभा हमेशा तत्पर है, तथा शिविर को मोलनों ग्रामसभा में लगाने के लिए महाविद्यालय के प्राचार्य जी का आभार प्रकट किया। उद्धघाटन सत्र के पश्चात सभी स्वयं सेवियों ने श्रम दान भी किया।
सायं शिविर में बौद्धिक सत्र में महाविद्यालय की अंग्रेजी विभाग की प्राध्यापक डॉ अंधरुती शाह ने स्वयं सेवियों को *अंग्रेजी का व्यवहारिक जीवन में महत्व* विषय पर अपना लेक्चर दिया, तथा कहा कि अंग्रेजी भाषा के कई शब्द हम सामान्य जीवन की बोल-चाल में बोलते हैं परंतु जब इंग्लिश बोलने की बात आती है तो हम बोल नही पाते हैं। हमे हिंदी की भांति कुछ भी कहने के लिए इंग्लिश में ही सोचना पड़ेगा तब हम इसको आसानी से बोल सकते हैं। वस्तुतः इंग्लिश शब्दों को दिन प्रतिदिन हम प्रयोग में लाते हैं जो हमारे कम्युनिकेशन को आसान बना देते हैं। मैडम ने ब्रिटिश काल से वर्तमान तक इंग्लिश के महत्व पर प्रकाश डाला। 7 दिवसीय विशेष शिविर के सफल संचालन के लिए महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. संजीव भट्ट, डॉ. बालक राम भद्री, डॉ. मीनाक्षी वर्मा, डॉ. अंधरूति शाह, डॉ. अनुरोध प्रभाकर, डॉ.संतोषी, श्री राजेंद्र सिंह बिष्ट, श्री अनिल, श्री रोशन, श्री गंभीर श्री राजपाल सिंह सहयोग कर रहे हैं, विशेष शिविर में दीक्षा, पिंकी, वंदना, कवींद्र, सक्षम, शुभम, सपना, मनीषा, अंजली, रोनिका, प्रतिमा, अनामिका, मल्लिका, आरती, पूजा, किरण, कामिनी, संजना, सुनैला, शीतल, आरती, शिल्पा आदि स्वयं सेवी एवं मनोज राणा, श्री राजेंद्र सिंह उपस्थित हैं।