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खेत बचाओ अभियान का शुभारंभ, मृदा स्वास्थ्य सुधार के लिए पूरे जून भर चलेगा जागरूकता अभियान

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Vijaya Dimri
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Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

कृषि भूमि की उर्वरता बढ़ाने, मृदा स्वास्थ्य सुधारने तथा रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत सरकार के निर्देशानुसार 1 जून से 30 जून 2026 तक राष्ट्रव्यापी ”खेत बचाओ अभियान” चलाया जाएगा। उत्तराखंड में इस अभियान का शुभारंभ सोमवार को विकासखंड सहसपुर के ग्राम ढाकी में कृषि एवं कृषक कल्याण तथा सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने किया।

इस अवसर पर कृषि मंत्री ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य कृषि में असंतुलित रूप से हो रहे रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करना, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहित करना तथा किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक बनाना है। उन्होंने कहा कि खेत बचाओ अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाकर किसानों को मिट्टी की उर्वरक क्षमता बढ़ाने और रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन की मात्रा लगातार घट रही है, जो मृदा स्वास्थ्य पर रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग के प्रतिकूल प्रभाव को दर्शाती है। मृदा स्वास्थ्य में सुधार के लिए फसल चक्र अपनाने, जैव उर्वरकों एवं जैविक संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा नियमित मृदा परीक्षण कराने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार विभिन्न केंद्र पोषित योजनाओं के माध्यम से मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और सुधार के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

कृषि मंत्री ने बताया कि जून माह के दौरान प्रदेश के सभी जनपदों में कृषि विभाग, रेखीय विभागों, कृषि विज्ञान केंद्रों तथा जनप्रतिनिधियों के समन्वय से विकासखंड एवं न्याय पंचायत स्तर पर किसान जागरूकता कार्यक्रम, कृषक गोष्ठियां और प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने किसानों, जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों से अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील करते हुए कहा कि इसे जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ मिट्टी, सुरक्षित खाद्य उत्पादन और बेहतर स्वास्थ्य का लाभ मिल सके।

कार्यक्रम में राज्य किसान आयोग के उपाध्यक्ष अजीत सिंह चौधरी तथा जड़ी-बूटी सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष भुवन विक्रम डबराल ने जैविक एवं प्राकृतिक खेती के अपने अनुभव साझा किए। वहीं कृषक सुभाष चौहान ने प्राकृतिक खेती और प्रगतिशील किसान अनिल कुमार नौटियाल ने जैविक खेती के लाभों पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर आत्मा योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले तीन प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया गया। इनमें उद्यान क्षेत्र में अनिल कुमार नौटियाल (रुद्रपुर, विकासनगर), कृषि क्षेत्र में सतपाल सिंह (भूड़पुर, सहसपुर) तथा मत्स्य क्षेत्र में जमुना प्रसाद (पसौली, लांधा रोड) शामिल रहे।

कार्यक्रम में अजीत सिहं चौधरी, उपाध्यक्ष राज्य किसान आयोग, भुवन विक्रम डबराल, उपाध्यक्ष जड़ी बूटी सलाहकार समिति, मीता सिहं, जिलाध्यक्ष देहरादून ग्रामीण, सुरेन्द्र नारायण पाण्डे, सचिव कृषि एवं कृषक कल्याण, उत्तराखण्ड शासन, दिनेश कुमार, निदेशक कृषि, आर०के० सिहं० निदेशक उद्यान, अभय सक्सैना, संयुक्त कृषि निदेशक, देवेन्द्र राणा, मुख्य कृषि अधिकारी देहरादुन, संजय राठी, कृषि वैज्ञानिक आदि उपस्थित थे, इसके अतिरिक्त जनपद देहरादून से 500 से अधिक कृषकों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

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