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देव संस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज की छात्रा अंशिका रेवानी ने राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर न केवल विश्वविद्यालय बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया।

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

हरिद्वार।
देव संस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज की छात्रा अंशिका रेवानी ने राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर न केवल विश्वविद्यालय बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। बीएससी योग की छात्रा अंशिका की इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय परिसर में खुशी और उत्साह का माहौल है तथा इसे संस्थान की शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रमीय गतिविधियों की सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

देव संस्कृति विश्वविद्यालय में शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के चहुंमुखी विकास पर विशेष जोर दिया जाता है। यही कारण है कि यहां के विद्यार्थी विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। अंशिका रेवानी की यह सफलता इसी परंपरा की एक और मजबूत कड़ी है, जिसने यह साबित कर दिया है कि योग जैसे अनुशासित और संतुलित क्षेत्र में भी छात्र-छात्राएं देशभर में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकते हैं।

अंशिका रेवानी ने अपनी इस उपलब्धि के पीछे निरंतर अभ्यास, अनुशासन और समर्पण को प्रमुख कारण बताया। उनका कहना है कि योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और आत्मनियंत्रण का भी माध्यम है, जिसमें सफलता पाने के लिए नियमित साधना और सकारात्मक दृष्टिकोण आवश्यक है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्या, योग विभाग के गुरुजनों के मार्गदर्शन तथा अपने परिवार के सहयोग को दिया।

कांस्य पदक प्राप्त करने के बाद अंशिका ने प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्या से भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर डॉ पण्ड्या ने अंशिका को बधाई देते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है और इससे संस्थान में उत्कृष्टता की भावना को और अधिक बल मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि अंशिका भविष्य में भी इसी प्रकार देश और विश्वविद्यालय का नाम ऊंचा करती रहेंगी।

अंशिका रेवानी की यह उपलब्धि यह स्पष्ट संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन के साथ किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। देव संस्कृति विश्वविद्यालय के लिए यह उपलब्धि न केवल गर्व का विषय है, बल्कि आने वाले समय में अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा की नई राह भी खोलती है।

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