देहरादून :- पुष्कर धामी के उत्तराखंड के 11 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने कई अहम फैसले लिए , जिनमें मुख्य रुप से बेरोजगार लोगों के लिए रोजगार सृजन महिलाओं के लिए स्वरोजगार स्वावलंबन की योजनाएं प्रमुख हैं।सबसे महत्वपूर्ण कदम में अतिथि शिक्षकों का मानदेय 15000 से बढ़ाकर ₹25000 किया गया है।
दूसरी ओर मुख्य सचिव को बदलने की बातें भी सामने आ रही है जिसमें मुख्य सचिव ओमप्रकाश को हटाकर एस एस संधू जो 1988 आईएएस कैडर के हैं उन्हें मुख्य सचिव की जिम्मेदारी दी जा सकती है। मुख्य सचिव ओमप्रकाश पहले से ही काफी विवादों में रहे हैं और यह कहा जाता है की नौकरशाही ही सरकार के ऊपर हावी हो रही थी।
पुष्कर धामी ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में मुख्य रूप से निम्न निर्णय लिए
1 अतिथि शिक्षकों का मानदेय 15000 से बढ़ाकर 25000 किया जाएगा और प्राथमिकता के आधार पर उनको गृह जनपद के नियुक्ति दी जाएगी।
2 मनरेगा में बाहरी एजेंसियों के द्वारा नियुक्ति दी जाएंगी।
3 पॉलिटेक्निक में कार्यरत संविदा कर्मियों को किसी कारण से सेवा व्यवधान किया भी गया हो तो पूर्व से ही उनकी सेवा की गणना की जाएगी।
4 मनरेगा कर्मियों को हड़ताल की अवधि का वेतन दिया जाएगा।
5 पुलिस कर्मियों के ग्रेड वेतन और नियमावली का परीक्षण किया जाएगा और इसके लिए कैबिनेट उपसमिति का गठन भी श्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में किया जाएगा इसके सदस्य डॉ धन सिंह रावत और श्रीमती रेखा आर्य होंगे
6 जिला रोजगार कार्यालय को जनपद की आउटसोर्सिंग एजेंसी के रूप में विकसित किया जाएगा।
7 विभिन्न विभागों में 20 से 22 हजार पदों और बैकलॉग के समस्त रिक्त पदों पर भर्ती का निर्णय लिया गया
8 उपनल कर्मियों की मांगों को लेकर डॉक्टर सिंह रावत की अध्यक्षता में कैबिनेट उपसमिति का गठन किया जाएगा इसके सदस्य श्री गणेश जोशी और डॉक्टर धन सिंह रावत होंगे तथा मुख्य सचिव सदस्य सचिव के रूप में होंगे
9 महिलाओं के लिए स्वरोजगार स्वावलंबन की योजनाओं की घोषणा भी की गई।