उत्तरकाशी।
सीमांत जनपद उत्तरकाशी में तकनीकी शिक्षा और युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत मंगलवार को जोशियाड़ा क्षेत्र में 217.33 लाख रुपये की लागत से निर्मित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) भवन का लोकार्पण किया गया। कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने विधिवत उद्घाटन करते हुए इसे सीमांत जनपद के युवाओं के लिए बड़ा अवसर बताया और कहा कि अब आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाला कोई भी छात्र केवल डिग्री लेकर बेरोजगार नहीं रहेगा, बल्कि उसे रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सरकार निरंतर ठोस प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें रोजगार के लिए पलायन न करना पड़े। इसी उद्देश्य के तहत पीएम सेतु हब स्कोप मॉडल लागू किया गया है, जबकि पहली बार डीएसटी मॉडल की शुरुआत कर युवाओं को आधुनिक और उद्योग आधारित प्रशिक्षण से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने घोषणा की कि उत्तरकाशी आईटीआई को भी शीघ्र ही डीएसटी मॉडल से जोड़ा जाएगा, जिससे यहां के विद्यार्थियों को अत्याधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण का लाभ मिल सकेगा।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि उत्तरकाशी आईटीआई को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि यहां के युवाओं को उच्च गुणवत्ता की तकनीकी शिक्षा मिल सके और वे प्रतिस्पर्धी माहौल में खुद को साबित कर सकें। उन्होंने बताया कि बड़कोट आईटीआई को पहले ही सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तहत टाटा टेक्नोलॉजी से जोड़ा जा चुका है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और वहां के प्रशिक्षित युवाओं को बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आईटीआई जैसे संस्थान रोजगारपरक शिक्षा के केंद्र हैं, जो युवाओं को सीधे कौशल और काम से जोड़ते हैं। प्रदेश सरकार कौशल विकास को प्राथमिकता देते हुए लगातार नई योजनाएं और मॉडल लागू कर रही है, ताकि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। नए भवन के निर्माण से अब छात्रों को आधुनिक सुविधाओं, बेहतर संसाधनों और उन्नत प्रशिक्षण वातावरण का लाभ मिलेगा, जिससे उनका भविष्य अधिक सुदृढ़ और सुरक्षित बन सकेगा।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, मुख्य विकास अधिकारी जयभारत सिंह, विधायक सुरेश चौहान, प्रताप पंवार, जगत सिंह चौहान, नागेंद्र सिंह चौहान, डॉ. स्वराज विद्वान, मनवीर चौहान, विजयपाल सजवाण, केदार सिंह रावत, राजदीप परमार, ममता पंवार, दीपेंद्र कोहली सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।





