Friday, April 4, 2025
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उत्तराखण्ड के ब्रांड ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ को वैश्विक स्तर पर ले जाने की योजना को सितम्बर तक पूर्ण रूप से धरातल पर लाया जाए।

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में ग्राम्य विकास विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि उत्तराखण्ड के ब्रांड ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ को वैश्विक स्तर पर ले जाने की योजना को सितम्बर तक पूर्ण रूप से धरातल पर लाया जाए। उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और मार्केटिंग का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि हवालबाग और कोटद्वार में बनाये गये रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर सेंटर की तरह ही राज्य के सभी जनपदों में जल्द रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर सेंटर बनाये जाएं। युवाओं और स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार के क्षेत्र में बढ़ावा देने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है, इसलिए विशेष ध्यान दिया जाए कि राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बनाई जा रही योजनाओं का नाम सरल और प्रभावी हो।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जनता से जुड़ी 15 महत्वपूर्ण योजनाओं को चिन्हित किया जाए, योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए जनपदवार रैंकिंग की व्यवस्था भी की जाए। मुख्यमंत्री ने सचिव ग्राम्य विकास को निर्देश दिये कि योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए विभाग के उच्चाधिकारियों को समय-समय पर गांवों में भेजा जाए। सचिव भी स्वयं कुछ गांवों में जाएं। ग्राम सभाओं की बैठकों में ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को भेजा जाए। अमृत सरोवरों के निर्माण और मेंटेनेंस पर विशेष ध्यान दिया जाए। अमृत सरोवरों के किनारे वृक्षारोपण भी किया जाए।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। कार्यों की गुणवत्ता में लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण करेंगे। ग्रामीण निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि ‘मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना’ के तहत गांवों को सड़कों से जोड़ने के लिए निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए। गांवों के विकास के लिए सड़क कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया जाए।

बैठक में जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री आवास योजना -ग्रामीण और दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत प्रशिक्षण संस्थाओं को लक्ष्यों की स्वीकृति, लक्ष्य के सापेक्ष कार्य आरंभ एवं लक्ष्य के सापेक्ष प्रशिक्षण में राज्य का प्रथम स्थान है। एन.आर.एल.एम योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन के फलस्वरूप विगत दो वर्षों में राज्य को लगातार बोनस प्राप्त हो रहा है। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ माध्यम से आगामी 03 वर्षों में 25 करोड़ की बिक्री का लक्ष्य रखा गया है। लखपति दीदी योजना के तहत राज्य में अभी तक 93 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। 2026 तक 2.50 लाख महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत राज्य में 66,596 आवास बनाये गये हैं। एनआरएलएम के तहत राज्य में 66,459 समूहों का गठन किया गया है। जिसमें 5.06 लाख परिवारों को लाभ मिल रहा है। बैठक में जानकारी दी गई कि पीएमजीएसवाई के तहत अभी तक स्वीकृत 1864 बसावटों के सापेक्ष 1845 बसावटें संयोजित की जा चुकी हैं। इन बसावटों से लगभग 22 लाख की जनसंख्या लाभान्वित हुई हैं।

बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद श्री विश्वास डाबर, अपर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुदंरम, श्रीमती राधिका झा, अपर सचिव श्री सविन बंसल, श्री मनुज गोयल, श्री कर्मेन्द्र सिंह एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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