उत्तरकाशी। चारधाम यात्रा-2026 के शुभारम्भ से पूर्व जनपद में यात्रा व्यवस्थाओं को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से उत्तरकाशी पुलिस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय के निर्देशन में यात्रा मार्गों, यातायात प्रबंधन और तीर्थयात्रियों की सुविधा को लेकर लगातार मंथन किया जा रहा है।
इसी क्रम में सोमवार को प्रभारी निरीक्षक कोतवाली दिनेश कुमार द्वारा उत्तरकाशी नगर क्षेत्र के होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा तथा अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों के स्वामियों और संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में आगामी चारधाम यात्रा के दौरान बढ़ने वाली भीड़, यातायात दबाव और व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई तथा सभी से पुलिस-प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई।
प्रभारी निरीक्षक ने स्पष्ट रूप से कहा कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों के साथ अच्छा व्यवहार सुनिश्चित किया जाए, ताकि उत्तराखंड की छवि एक आदर्श तीर्थ स्थल के रूप में और सुदृढ़ हो सके। साथ ही सभी प्रतिष्ठान संचालकों को अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, किसी भी प्रकार के मादक पदार्थों के सेवन को अपने परिसर में प्रतिबंधित करने तथा वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा कराने के निर्देश दिए गए। हाईवे और सड़कों के किनारे अतिक्रमण न करने की सख्त हिदायत भी दी गई।
सुरक्षा के दृष्टिगत होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को अपने यहां ठहरने वाले तीर्थयात्रियों का पूरा रिकॉर्ड, पहचान पत्र और रजिस्टर संधारित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही सभी प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरों को सुचारू रूप से क्रियाशील रखने पर विशेष जोर दिया गया। आपसी समन्वय को मजबूत करने के लिए पुलिस और कोतवाली के आवश्यक संपर्क नंबर भी साझा किए गए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
बैठक के दौरान वर्तमान समय में बढ़ रही साइबर धोखाधड़ी के मामलों को लेकर भी जागरूकता अभियान चलाया गया। पुलिस ने सभी उपस्थित लोगों को साइबर अपराधों से सतर्क रहने, संदिग्ध कॉल और लिंक से बचने तथा किसी भी धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने की सलाह दी। साथ ही नशे के दुष्प्रभावों और सड़क सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर भी विस्तार से जानकारी दी गई।
उत्तरकाशी पुलिस की यह पहल चारधाम यात्रा-2026 को व्यवस्थित, सुरक्षित और सफल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिसमें स्थानीय व्यापारियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।





