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प्रत्यासियों ने जहां अपने तरकश से तीर निकालने शुरू कर दिए हैं वहीं मुख्य बाजार सहित नगर को झंडे बैनरों से पाट दिया गया है।

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

गौचर। के एस असवाल
गौचर नगर पालिका के लिए प्रचार ने जोर पकड़ लिया है। प्रत्यासियों ने जहां अपने तरकश से तीर निकालने शुरू कर दिए हैं वहीं मुख्य बाजार सहित नगर को झंडे बैनरों से पाट दिया गया है।
वर्ष 2016 में अस्तित्व आई गौचर नगर पालिका के लिए इस बार दूसरा चुनाव होने जा रहा है। भाजपा ने तीन बार सभासद रहे अनिल नेगी को मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने पूर्व मंडी समिति अध्यक्ष संदीप नेगी पर दांव लगाया है। टिकट न मिलने से नाराज़ कांग्रेस नगर अध्यक्ष रहे सुनील पंवार पार्टी से बगावत कर मैदान में डटे हुए हैं। भाजपा से टिकट न मिलने पर अनुसूचित जाति के प्रवेंद्र कुमार भी घर घर जाकर अपना प्रचार कर रहे हैं ।हालांकि उनका प्रभाव ना के समान दिखाई दे रहा है लेकिन सुनील पंवार भाजपा व कांग्रेस के समीकरण को बिगाड़ने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि भाजपा में निवर्तमान पालिका अध्यक्ष अंजू बिष्ट के पति जयकृत बिष्ट को भाव न दिए जाने से वे भी नाराज बताए जा रहे हैं। हालांकि उनका कहना है कि वे पार्टी के वफादार कार्यकर्ता हैं। कांग्रेस से बगावत करने वाले सुनील पंवार के साथ कई कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी को छोड़कर रात दिन मेहनत कर रहे हैं। कांग्रेस व भाजपा के प्रत्यासियों के साथ कार्यकर्ताओं का रेला उमड़ रहा है। निर्दलीय प्रत्याशी सुनील पंवार ने तो अपील के माध्यम से जनता की परेशानियों को अपनी प्राथमिकता बताना शुरू कर दिया है। भाजपा व कांग्रेस किन मुद्दों पर जनता का ध्यान आकर्षित करती है इसका उजागर अभी नहीं हो पाया है। वोटरों की चुप्पी ने भी प्रत्यासियों को परेशानी में डाल दिया है। वार्ड सभासदों में कई निर्दलीय अपना भाग्य आजमा रहे हैं। इससे इतर दावतों का दौर भी शुरू हो गया है। पिछले कुछ सालों में गौचर क्षेत्र में बड़ी संख्या में बाहरी लोगों की बसाकत हुई है। इन दिनों स्कूलों की छुट्टियां पड़ने से अधिकांश लोग स्टेशन छोड़कर बाहर चले गए हैं। उनके आने के बाद ही चुनावी माहौल गरमाने के आसार नजर आ रहे हैं। बहरहाल जनता का ऊंट किस करवट बैठता है यह तो 25 जनवरी को ही पता चलेगा।

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