Friday, April 4, 2025
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योग है भारत वर्ष की प्राचीन धरोहर, योग से होता है तन व मन स्वस्थ्य

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

योग भारत वर्ष की प्राचीन धरोहर, योग से तन व मन स्वस्थ्य होता है, साथ ही योग व्यक्ति की मनोबल एकाग्रता, पढने की क्षमता को बढाने के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक तौर पर मजबूत बनाता है।प्रधानमंत्री मोदी ने देश एवं विदेश में आज योग को एक नई पहचान दिलाई है।उक्त बातें आज 9वे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रायपुर स्पोर्ट्स कॉलेज, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम के दौरान खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने कहीं,जहां उन्होंने विभागीय अधिकारियों और खेल कार्यालय छात्रावास के खिलाड़ियों के साथ सम्मलित होकर योग किया। कहा कि इस वर्ष योग दिवस 2023 की थीम ‘वसुधैव कुटुंबकम के लिए योग’ है जिसका अर्थ है की- धरती ही परिवार है।निश्चित ही हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग लाभकारी है।कहा कि योग का अभ्यास शरीर को रोगमुक्त रखने के साथ ही मन को शांति प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के हम सभी आभारी हैं,जिन्होंने भारतीय ऋषि परंपरा के उपहार योग को न केवल भारत में,बल्कि दुनिया में प्रतिष्ठित किया है।वहीं उन्होंने साथ ही इस दौरान विभिन्न बच्चों के साथ बातचीत कर उनका हालचाल जाना और खिलाड़ियो को सम्मानित भी किया।

खेल मंत्री ने कहा कि योग साधना हर उम्र के व्यक्ति के साथ-साथ विद्यार्थी जीवन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है, इसके माध्यम से तन और मन को स्वस्थ व शुद्ध रखा जा सकता है।योग के माध्यम से मनुष्य के जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है।योग ही एकमात्र ऐसी साधना है जिसका प्रयोग करने वाले साधक विद्यार्थी खुद में छिपी ऊर्जा को नए आयाम पर ले जाते हैं। योग विद्यार्थियों एवं व्यक्ति में मनोबल,एकाग्रता, पढने की क्षमता को तो बढाता ही है साथ ही शारीरिक और मानसिक तौर पर मजबूत भी बनाता है।

खेल मंत्री ने साथ ही कहा कि योग विशेषकर विद्यार्थी जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। मन लगाकर योग साधना से हुए शारीरिक व मानसिक परिवर्तन का एहसास करते हुए उन्होंने कहा कि हम योग को अपनाकर संतुलित जीवन का निर्वहन कर सकते हैं। नियमित योगाभ्यास से जीवन एवं मानसिक क्षमता में वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि योग से जीवन में संतुलन कायम होता है तथा हमें अनेक प्रकार की बीमारियों से मुक्ति मिलती है। उन्होंने कहा कि योग के साथ-साथ हमें अपने आस-पास के परिवेश को स्वच्छ रखना चाहिए क्योंकि स्वच्छता में ही ईश्वर निवास करते है।

वही खेल मंत्री ने कहा कि योग सिर्फ आसन नहीं है बल्कि यह बिना किसी खर्च के फिटनेस व वैलनेस की गारंटी भी देता है। योग प्रात:काल में की जाने वाली क्रिया मात्र नहीं है बल्कि यह रोजमर्रा के कार्य को दक्षता व पूरी सर्तकर्ता के साथ करने की शक्ति भी है। रोग से निरोग होने का मार्ग योग है। यह हमारी सोच, कार्य करने की क्षमता, ज्ञान और समर्पण को बल देता है और हम बेहतर इंसान बनाने में मदद करता है।

इस अवसर पर कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक खेल श्री धर्मेंद्र भट्ट जी,संयुक्त निदेशक श्री अजय अग्रवाल जी,संयुक्त निदेशक खेल श्री एस. के. शार्की जी,सहायक निदेशक खेल श्री एस. के. डोभाल जी, प्रधानाचार्य महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज श्री राजेश ममगाईं जी,खेल छात्रावास के खिलाड़ी सहित समस्त अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

 

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