उत्तरकाशी। लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माने जाने वाले मतदाता पंजीकरण को त्रुटिहीन और पारदर्शी बनाने के लिए जनपद उत्तरकाशी में सोमवार से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का महाअभियान शुरू हो गया। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रारंभ हुए इस अभियान के तहत जनपद के सुदूरवर्ती और दुर्गम गांवों तक पहुंचकर बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने घर-घर संपर्क अभियान की शुरुआत कर दी है। अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची में दर्ज प्रत्येक नाम, आयु, पता और अन्य विवरण का सत्यापन कर सूची को पूरी तरह शुद्ध एवं अद्यतन बनाना है।
अभियान के पहले दिन मोरी विकासखंड के सीमांत गांव जखोल सहित विभिन्न दूरस्थ क्षेत्रों में बीएलओ ने घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित किए। निर्वाचन विभाग की ओर से चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के दौरान बीएलओ प्रत्येक परिवार तक पहुंचकर न केवल गणना प्रपत्र उपलब्ध कराएंगे, बल्कि भरे हुए प्रपत्र वापस भी प्राप्त करेंगे। इसके साथ ही मतदाता सूची में पहले से दर्ज जानकारी का परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में मिलान और सत्यापन भी किया जाएगा।
निर्वाचन विभाग के अनुसार विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम आगामी 7 जुलाई तक लगातार जारी रहेगा। इस अवधि में सभी पात्र नागरिकों के विवरण की जांच की जाएगी ताकि मृत, स्थानांतरित या अन्य कारणों से अपात्र हो चुके मतदाताओं के नामों का उचित परीक्षण किया जा सके और पात्र नागरिकों की जानकारी सही रूप में दर्ज हो सके। अभियान के दौरान नागरिक अपने सही विवरण के साथ भरे हुए गणना प्रपत्र मौके पर ही बीएलओ को सौंप सकते हैं।
जनपद प्रशासन और निर्वाचन विभाग ने सभी नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि शुद्ध एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है और प्रत्येक मतदाता की जिम्मेदारी है कि वह अपने विवरण का सत्यापन कर सही जानकारी उपलब्ध कराए। विशेष रूप से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में चलाया जा रहा यह अभियान मतदाता सूची की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
निर्वाचन विभाग का मानना है कि घर-घर पहुंचकर किए जा रहे इस सत्यापन अभियान से न केवल मतदाता सूची की विश्वसनीयता बढ़ेगी, बल्कि भविष्य में होने वाले चुनावों के लिए अधिक पारदर्शी और सटीक निर्वाचन प्रक्रिया सुनिश्चित हो सकेगी। जनपद के सभी बूथों पर नियुक्त बीएलओ को इस कार्य के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं और अभियान की नियमित निगरानी भी की जा रही है।


