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रामनगर के जंगल में चारा काटते समय बाघ का हमला, बहू की बहादुरी से टला बड़ा हादसा

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

रामनगर।
साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए एक बहू ने दरांती से बाघ का मुकाबला कर अपनी सास की जान बचा ली। यह घटना रविवार को रामनगर के निकट जंगल में उस समय हुई, जब दोनों महिलाएं मवेशियों के लिए चारा लेने गई थीं।

जानकारी के अनुसार, कुंकेत गांव निवासी 60 वर्षीय बसंती देवी अपनी बहू मोहिनी देवी के साथ जंगल में घास काट रही थीं। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे एक जंगली जानवर ने अचानक बसंती देवी पर हमला कर दिया। हमला इतना तेज था कि जानवर ने उन्हें अपने जबड़ों में जकड़ लिया।

संकट की इस घड़ी में मोहिनी देवी ने बिना घबराए साहस का परिचय दिया। हाथ में मौजूद दरांती से उन्होंने लगातार वार कर जंगली जानवर को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। आखिरकार जानवर बसंती देवी को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया।

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों की मदद से घायल बसंती देवी को तत्काल रामनगर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर चोटों को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया।

रामनगर वन प्रभाग के उप प्रभागीय वनाधिकारी (एसडीओ) अंकित बडोला ने बताया कि घायल महिला का उपचार उच्च केंद्र में चल रहा है। घटना के बाद क्षेत्र में वन विभाग की गश्त बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमला बाघ ने किया या तेंदुए ने। वन विभाग मामले की जांच कर रहा है।

वन विभाग ने आसपास के ग्रामीणों से आरक्षित वन क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से प्रवेश न करने तथा जंगल के किनारे जाने के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।

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