उत्तरकाशी।
वर्षों से अपने पिता की वापसी की आस लगाए बैठी गौरशाड़ा गांव की बेटी दीपिका नौटियाल के संघर्ष को रविवार को उस समय नई ताकत मिली, जब उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) की केंद्रीय महामंत्री किरन रावत उसके घर पहुंचीं। सऊदी अरब में फंसे इंद्रमणि नौटियाल के परिवार से शिष्टाचार भेंट के दौरान भावनाओं से भरा माहौल देखने को मिला। पिता की अनुपस्थिति में परिवार जिस पीड़ा और संघर्ष से गुजर रहा है, उसे सुनकर हर किसी की आंखें नम हो उठीं।
किरन रावत ने दीपिका को ढांढस बंधाते हुए कहा कि उसका साहस और अपने पिता के लिए किया जा रहा संघर्ष पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि कई बार परिस्थितियां ऐसी बन जाती हैं कि सच को सामने आने में समय लग जाता है, लेकिन उम्मीद कभी नहीं छोड़नी चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि बेटी का यह अटूट विश्वास और संघर्ष एक दिन उसके पिता को न्याय दिलाकर घर वापस लाएगा।
उन्होंने कहा कि सोमवार को जिलाधिकारी उत्तरकाशी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा जाएगा। ज्ञापन में भारत सरकार से अनुरोध किया जाएगा कि वह सऊदी अरब सरकार से इंद्रमणि नौटियाल के मामले की पुनर्समीक्षा कराने का आग्रह करे। उनका कहना था कि यदि मामले की दोबारा निष्पक्ष समीक्षा होती है तो न्याय की नई राह खुल सकती है।
परिवार की आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए किरन रावत ने दीपिका नौटियाल को 11 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की। उन्होंने कहा कि यदि दीपिका स्वरोजगार या किसी छोटे व्यवसाय के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की इच्छा रखती हैं तो यूकेडी उसके साथ खड़ी रहेगी और हरसंभव सहयोग करेगी।
गौरशाड़ा गांव में हुई इस मुलाकात के दौरान एक ओर बेटी की आंखों में पिता को वापस देखने की उम्मीद थी तो दूसरी ओर समाज और राजनीतिक संगठनों के सहयोग से न्याय मिलने की नई आशा भी दिखाई दी। उपस्थित लोगों ने कहा कि दीपिका का संघर्ष केवल एक बेटी का संघर्ष नहीं, बल्कि अपने प्रियजन के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रहे हर परिवार की आवाज है।
इस अवसर पर यूकेडी के कार्यकारी जिलाध्यक्ष श्याम चौहान, सैनिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष जगमोहन सिंह पंवार सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। सभी ने इंद्रमणि नौटियाल के मामले को विभिन्न स्तरों पर उठाने और परिवार को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया।


