देहरादून। सप्ताह के पहले दिन सोमवार, 7 सितंबर को राजधानी देहरादून का राजनीतिक माहौल गरमा गया। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हल्द्वानी दौरे के दौरान कथित अपमान के विरोध में कांग्रेस ने मुख्यमंत्री आवास घेराव का ऐलान किया था। इसी क्रम में सोमवार को प्रदेशभर से कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता देहरादून के परेड ग्राउंड में जुटे। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच शुरू किया।
प्रदर्शन के दौरान राजधानी में भारी बारिश होती रही, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह कम नहीं हुआ। कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ते रहे। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने परेड ग्राउंड से आगे हाथीबड़कला चौकी के पास बैरिकेडिंग कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोक दिया। काफी देर तक बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौके पर ही डटे रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
मुख्यमंत्री आवास कूच से पहले परेड ग्राउंड में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बड़ी सभा आयोजित हुई। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह लोकतांत्रिक परंपराओं और विपक्ष के सम्मान के खिलाफ है।
सभा के दौरान नेताओं ने कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री आवास कूच में शामिल होने का आह्वान किया। कांग्रेस ने मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई और कहा कि विपक्ष के नेताओं के सम्मान से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि खड़गे के कथित अपमान के मामले को लेकर पार्टी सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज करा रही है। उन्होंने कहा कि इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने मुख्यमंत्री आवास कूच का आह्वान किया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से जनता और कार्यकर्ताओं की आवाज सरकार तक पहुंचाती रहेगी। परेड ग्राउंड में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
परेड ग्राउंड में आयोजित सभा में कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और विपक्षी विधायक मौजूद रहे।
नेताओं ने अपने संबोधन में कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर पार्टी की आवाज को मजबूती से उठाने का आह्वान किया। इसके बाद बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च के लिए रवाना हुए।
परेड ग्राउंड से निकलने के बाद कांग्रेस का मार्च मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ा। गणेश गोदियाल के नेतृत्व में आगे बढ़ रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हाथीबड़कला चौकी के समीप बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रदर्शनकारियों को आगे जाने की अनुमति नहीं दी।
पुलिस की ओर से प्रदर्शन स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किया गया था। मौके पर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच आगे बढ़ने को लेकर काफी देर तक स्थिति बनी रही। प्रदर्शनकारी वहीं डटे रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
कांग्रेस के मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से देहरादून में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई। प्रदर्शन और मार्च के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने भीड़ और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग और रूट डायवर्जन की व्यवस्था की।
भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सड़क पर उतरने से राजधानी का राजनीतिक माहौल काफी गर्म रहा। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह खड़गे के कथित अपमान के मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अपना विरोध जारी रखेगी।


