spot_img

केदारनाथ पैदल मार्ग पर पहाड़ी से गिरे पत्थर, महिला यात्री की मौत; दिनभर रुकी यात्रा

More articles

Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की मुश्किलें लगातार बनी हुई हैं। पहाड़ों में हो रही भारी बारिश के बीच रविवार को केदारनाथ पैदल मार्ग पर बड़ा हादसा हो गया। चीरबासा के पास पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने की चपेट में आने से महाराष्ट्र की एक महिला यात्री की मौत हो गई। हादसे के बाद यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने केदारनाथ यात्रा को दिनभर रोक दिया। इसके चलते सैकड़ों यात्री सोनप्रयाग, गौरीकुंड समेत अलग-अलग स्थानों पर रुक गए।

पुलिस ने रविवार को सुबह 11 बजे के बाद सोनप्रयाग और गौरीकुंड से यात्रियों की आवाजाही रोक दी। हालांकि, इससे पहले चार हजार से अधिक यात्री केदारनाथ धाम के लिए रवाना हो चुके थे, जबकि करीब 2500 यात्री केदारनाथ से वापस लौट चुके थे। पैदल मार्ग पर मौजूद यात्रियों को पुलिस, एसडीआरएफ, वाईएमएफ और डीडीआरएफ के जवानों की मौजूदगी में सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाया गया। लगातार बारिश के कारण मार्ग पर पत्थर गिरने का खतरा बना रहा, जिसके चलते यात्रियों को सोनप्रयाग से आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई।

जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र से आए यात्री गौरीकुंड से केदारनाथ की ओर जा रहे थे। इसी दौरान चीरबासा के पास पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने लगे। एक महिला यात्री इसकी चपेट में आ गई और गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे में उसकी मौत हो गई। जिला आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम के अनुसार मृतका की पहचान 60 वर्षीय मंगल अपाराव सिंधे पत्नी अपाराव सिंधे, निवासी निम गांव, जिला सोलापुर, महाराष्ट्र के रूप में हुई है।

कोतवाली प्रभारी सोनप्रयाग सुरेश चंद्र बलूनी ने बताया कि चीरबासा और पैदल मार्ग के अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आती रहीं। लगातार बारिश को देखते हुए यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रखी गई है। मौसम और मार्ग की स्थिति सामान्य होने के बाद यात्रियों की आवाजाही शुरू कराने का निर्णय लिया जाएगा।

उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के छह जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार पौड़ी, नैनीताल, बागेश्वर, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और चमोली में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है।

मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने आमजन से बारिश के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है।

गढ़वाल में बारिश के बीच रविवार को बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी भी हुई। बदरीनाथ धाम के नर-नारायण और नीलकंठ पर्वत बर्फ से ढक गए। इसके अलावा हेमकुंड साहिब की पहाड़ियों, फूलों की घाटी, चिनाप वैली और सोना शिखर की ऊंची चोटियों पर भी बर्फबारी हुई।

वहीं, वैली ऑफ फ्लावर्स नेशनल पार्क के कुंठखाल और टिपरा खरक की ऊंची पहाड़ियों पर इस साल की पहली बर्फबारी दर्ज की गई। बारिश और बर्फबारी के कारण ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है। प्रशासन और पुलिस की ओर से चारधाम यात्रा मार्गों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि मौसम खराब होने की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा के लिए समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

-Advertisement-

-Advertisement-
-Advertisement-
Download Appspot_img