रामनगर।
कुमाऊं कमिश्नर एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने सोमवार को रामनगर क्षेत्र के विभिन्न सरकारी संस्थानों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कई स्थानों पर पाई गई अनियमितताओं पर अधिकारियों को फटकार लगाते हुए समयबद्ध सुधार के निर्देश दिए।
नगर परिषद रामनगर के निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था लागू न होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा में व्यवस्था लागू नहीं होने पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए वेतन रोकने जैसी कार्रवाई की जाएगी।
इसके बाद उन्होंने नगर परिषद के कूड़ा संग्रहण एवं निस्तारण केंद्र का निरीक्षण किया। यहां इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन नहीं मिलने पर उन्होंने असंतोष व्यक्त किया और व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। निरीक्षण के समय नगर परिषद के अधिशासी अधिकारी आलोक उनियाल मौके पर मौजूद नहीं थे, जिस पर कमिश्नर ने उनसे दूरभाष पर बात कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने उपस्थिति पंजिका, स्टोर तथा अन्य अभिलेखों की भी जांच की।
कमिश्नर ने नव निर्मित बाईपास पुल का भी निरीक्षण किया। पुल पर कई स्थानों पर गहरे गड्ढे पाए जाने पर उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई और क्षतिग्रस्त हिस्सों की शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए।
इसके उपरांत उन्होंने पशु केंद्र का निरीक्षण किया। वहां दुग्ध उत्पादक पशुओं की मौजूदगी पर अधिकारियों से जवाब-तलब करते हुए पूछा कि जब वधशाला बंद है तो पशुओं को केंद्र में क्यों लाया जा रहा है।
वधशाला के निरीक्षण के दौरान भी कई अनियमितताएं सामने आने पर कमिश्नर ने नाराजगी व्यक्त की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई कर कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी गोपाल चौहान एवं कोतवाल सुशील कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


