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उत्तरकाशी में आठ नवाचारी टीमों ने प्रस्तुत किए विचार, युवाओं को उद्यमिता और स्वरोजगार के लिए किया प्रेरित

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

उत्तरकाशी। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिला सेवायोजन कार्यालय एवं जिला उद्योग केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में स्टार्टअप हंट उत्तरकाशी कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की अध्यक्षता तथा जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं के नवाचारी विचारों को प्रोत्साहित करना और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग से रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर विकसित करना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से उत्तरकाशी को उभरते स्टार्टअप केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं और युवाओं को उत्तराखंड स्टार्टअप नीति-2023 के प्रावधानों, उसके अंतर्गत मिलने वाली सुविधाओं और अनुदान की जानकारी दी गई। साथ ही उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों, शिक्षण संस्थानों और स्थानीय उद्यमियों को नवाचार एवं उद्यमिता की संभावनाओं से अवगत कराया गया। युवाओं को अपने विचारों को व्यावहारिक स्वरूप देने, स्थानीय समस्याओं के समाधान खोजने और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।

स्टार्टअप हंट प्रतियोगिता में आठ नवाचारी टीमों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। इनमें पहाड़ सुरक्षा, गौमुख डेयरी, हिमालय कार्बन लैब, गंगा मित्र, पहाड़ी इनोवेटर्स (पहाड़ी साथी), हरित सर्जन, इको सेंस और माटी शिल्प की टीमें शामिल रहीं। प्रतिभागियों ने अपने विचारों और योजनाओं के माध्यम से नवाचार की संभावनाओं को सामने रखा। निर्णायक समिति ने प्रस्तुतियों की गुणवत्ता, नवाचार, व्यावहारिक उपयोगिता और विचारों को धरातल पर उतारने की संभावनाओं के आधार पर विजेताओं का चयन किया।

प्रतियोगिता में राजकीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बौन उत्तरकाशी की टीम हिमालय कार्बन लैब ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। टीम को 11 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। सोमचंद्र उनियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, उत्तरकाशी की टीम माटी शिल्प ने दूसरा स्थान हासिल कर पांच हजार रुपये का पुरस्कार जीता। वहीं राजकीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बौन उत्तरकाशी की टीम पहाड़ी इनोवेटर्स (पहाड़ी साथी) तीसरे स्थान पर रही, जिसे 2,100 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।

प्रतियोगिता के मूल्यांकन के लिए गठित निर्णायक समिति में जिला उद्योग केंद्र के प्रभारी महाप्रबंधक वैभव कुमार, जिला सेवायोजन अधिकारी विनायक श्रीवास्तव और जिला ग्रामोद्योग अधिकारी स्वर्ण लता शामिल रहे। समिति ने सभी टीमों के प्रस्तुतीकरण का मूल्यांकन करते हुए उनके विचारों की नवीनता, उपयोगिता और व्यावहारिक संभावनाओं को ध्यान में रखा।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने प्रतिभागी छात्र-छात्राओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं के पास नई सोच, ऊर्जा और कुछ अलग करने का उत्साह है। जरूरत इस बात की है कि वे अपने विचारों को केवल कल्पना तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें वास्तविक स्वरूप देने के लिए योजनाबद्ध ढंग से निरंतर प्रयास करें। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी जैसे पर्वतीय जनपद में स्थानीय जरूरतों, समस्याओं और उपलब्ध संसाधनों पर आधारित नवाचार रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा कर सकते हैं।

जिलाधिकारी ने युवाओं से उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने और अपने विचारों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ ही उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर देते हैं। कार्यक्रम में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय उत्तरकाशी के प्राचार्य पंकज पंत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और प्रतिभागी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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