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उत्तराखंड के 8.08 लाख से अधिक किसानों के खातों में पहुंची 161.96 करोड़ की सम्मान निधि

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के बनासकांठा से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी करते हुए देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 18 हजार 690 करोड़ रुपये की धनराशि हस्तांतरित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के सर्वे ऑडिटोरियम, हाथीबड़कला में आयोजित पीएम-किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। प्रधानमंत्री द्वारा जारी किस्त के तहत उत्तराखंड के 8 लाख 08 हजार से अधिक लाभार्थी किसानों के खातों में 161.96 करोड़ रुपये की सम्मान निधि हस्तांतरित की गई। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी लाभार्थी किसानों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने की महत्वपूर्ण पहल है। वर्ष 2019 में योजना की पहली किस्त जारी होने के समय उत्तराखंड के लगभग चार लाख किसान इससे लाभान्वित हुए थे, जबकि वर्तमान में प्रदेश में लाभार्थी किसानों की संख्या बढ़कर आठ लाख से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा में जवानों का महत्वपूर्ण योगदान है, वहीं खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में किसानों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। किसान अपनी मेहनत से अन्न उत्पादन करने के साथ देश की अर्थव्यवस्था और समृद्धि में भी अहम योगदान देते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को होने वाले नुकसान से सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना संचालित की जा रही है। वहीं, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के माध्यम से किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता के अनुरूप खेती करने में सहायता मिल रही है। राज्य सरकार भी किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। प्रदेश में नहरों से सिंचाई पूरी तरह निःशुल्क की गई है तथा किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से बजट में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त लगभग 115 करोड़ रुपये के निवेश से राज्य में 350 से अधिक आधुनिक पॉलीहाउस तैयार किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से संरक्षित खेती को प्रोत्साहन मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा आधारित खेती की चुनौतियों को देखते हुए राज्य सरकार ने एक हजार करोड़ रुपये की लागत से उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग परियोजना को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य बदलती जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप कृषि को अधिक सक्षम और टिकाऊ बनाना है। इसके साथ ही फल उत्पादन और मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देने के लिए नई सेब नीति, कीवी नीति, ड्रैगन फ्रूट नीति और स्टेट मिलेट मिशन जैसी पहल की गई हैं। इन योजनाओं के अंतर्गत पात्र किसानों को विभिन्न गतिविधियों में 80 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप उच्च मूल्य वाली फसलों को प्रोत्साहित कर किसानों की आमदनी में वृद्धि की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और फसलों को खराब होने से बचाने के लिए कोल्ड चेन, कोल्ड स्टोरेज, नियंत्रित वातावरण भंडारण तथा खाद्य प्रसंस्करण सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सगंध खेती को बढ़ावा देने के लिए महक क्रांति नीति के अंतर्गत प्रदेश में सात एरोमा वैली विकसित की जा रही हैं। इसके साथ ही 23 हजार हेक्टेयर भूमि पर सुगंधित पौधों की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से प्रदेश के मिलेट और स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने अनुपूरक बजट में धान एवं गेहूं की खरीद के लिए 1,100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके अलावा पर्वतीय कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, सहकारिता, मत्स्य पालन और मौन पालन जैसे क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि किसानों को आजीविका के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध होने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके। मुख्यमंत्री ने किसानों से पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने तथा सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की खुशहाली, कृषि उत्पादन में वृद्धि और ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों की कृषि संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। राज्य सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में लैवेंडर और डेंडेलियन जैसी सुगंधित एवं औषधीय फसलों की खेती को भी प्रोत्साहित कर रही है। इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकेंगे। उन्होंने आपदा प्रभावित किसानों को निर्धारित आपदा सहायता के अतिरिक्त राज्य सरकार की ओर से भी सहायता देने के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर विधायक बृजभूषण गैरोला, उत्तराखंड राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह चौधरी, राज्यमंत्री प्रताप सिंह पंवार, दायित्वधारी ज्योति कोटिया, सचिव कृषि डॉ. एस.एन. पाण्डेय, महानिदेशक कृषि एवं उद्यान डॉ. आनन्द श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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