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जिला प्रशासन का माइक्रोप्लान होता दिख रहा कामयाब, बच्चे ले रहे शिक्षा में रूचि

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

मा0 मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन एवं जिलाधिकारी सविन बंसल के सतत् प्रयासों से भिक्षावृत्ति, बाल मजदूरी से मुक्त कराए गए बच्चे राज्य के पहले इन्टेंसिव केयर शेल्टर में शिक्षा की धारा से जुड़ने लगे हैं, जहां दिन प्रतिदिन बच्चों की संख्या भी बढती जा रही है। शिक्षा का रास्ता दिखाने वाले इस मंदिर में बच्चें, संगीत, योग, खेल एक्टिविटी के साथ ही शिक्षा में रूचि ले रहे हैं, जो कि राज्य एवं जनपद के लिए एक अच्छा संकेत है।
जिलाधिकारी सविन बंसल के इस माइक्रोप्लान के तहत तैयार किए गए राज्य के पहले आधुनिक इन्टेंसिव केयर शेल्टर से जंहा भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों को रेस्क्यू कर आखर ज्ञान के साथ ही तकनीकि ज्ञान तथा संगीत एवं अन्य गतिविधि के माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।
डीएम के माईक्रोप्लान से जहां सड़कों पर भिक्षावृत्ति करते बच्चों को रेस्क्स्यू कर मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। साधुराम इन्टर कालेज में बनाए गए आधुनिक इन्टेंसिव केयर शैल्टर में विशेषज्ञ शिक्षक अपनी-अपनी विधा योग, संगीत, खेल, नाटक मंचन, कम्प्यूटर शिक्षा से बच्चों को पारंगत कर रहे है। साधुराम इन्टर कालेज में बनाए गए राज्य के पहले आधुनिक इन्टेसिंव केयर शैल्टर में बच्चों की शिक्षा के साथ ही कम्प्यूटर ज्ञान एवं संगीत से जोड़कर बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जाड़ने के लिए आधुनिक सुविधाएं भी स्थापित की गई हैं। कम्प्यूटररूम, म्यूजिकरूम आदि सभी सुविधाएं स्थापित की गई हैं। अब भिक्षावृत्ति से रेस्क्यू किए गए बच्चे तकनीकि ज्ञान के साथ संगीत शिक्षा भी प्राप्त करेंगे। आधुनिक इन्टेंसिव केयर शेल्टर में प्रतिदिन 25-30 बच्चे कक्षाओं में पढाई कर हैं, जिनके भावी भविष्य को सुधारने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। अब तक 19 बच्चों को शिक्षा की मुख्यधसारा से जोड़ते हुए स्कूल में दाखिला करा दिया गया है। शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चों में रेस्क्यू किये बच्चों सहित संस्थानों एवं घरों से भी बच्चे आ रहे हैं। इस मुहिम से जहां बच्चों में शिक्षा के प्रतिरूचि बढ रही है साथ ही संगीत, चित्रकला, कम्प्यूटर ज्ञान, खेल के माध्मय से बच्चों को मुख्यधारा में जोड़ा जा रहा है। आधुनिक केयर शेल्टर में निजी स्कूल/संस्थान की भांति सुविधाएं विकसित की गई हैं।
साधुराम इंटर कॉलेज में बनाए जा रहे आधुनिक इन्टेंसिव केयर शैल्टर में भिक्षावृत्ति से मुक्त कराए गए बच्चों को अन्य बच्चों की भांति मुख्यधारा से जोड़ने के लिए मॉडल इन्टेसिव केयर शैल्टर को युद्धस्तर पर विकसित किया जा रहा है, जिसमें बच्चों के शैक्षणिक एवं कौशल विकास को विकसित करने हेतु स्वंयसेवी, विशेषज्ञों द्वारा बच्चों के सर्वागीण विकास में योगदान दिया जा रहा है। जहां बच्चों के लिए पठन-पाठन हेतु कक्षा कक्ष को विकसित किया गया। अब उक्त परिसर में कम्प्यूटर उपकरण स्थापित कर दिए गए हैं । साथ ही संगीत कक्ष स्थापित करते हुए उपकरण को संजोया गया है। उक्त आधुनिक इन्टेंसिव केयर शैल्टर का उद्देश्य इन बच्चों को शैक्षिक विकास हेतु रूचि उत्पन्न करने हेतु आदर्श वातावरण तैयार कर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने कार्य किया जा रहा है। आधुनिक केयर शैल्टर में जहां बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था है वहीं बच्चों का नियमित स्वास्थ्य जांच भी की जा रही है।

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