राज्य के पर्वतीय जनपदों में लोगों की आजीविका बढ़ाने के लिए सहकारिता के क्षेत्र में और प्रयासों की जरूरत है। सरकार की विभिन्न योजनाओं का आम जन अधिक से अधिक फायदा ले सकें, इसके लिए ऐसी व्यवस्था की जाय कि एक जैसी प्रकृति की योजनाओं के तहत लोगों को संबंधित विभागों की योजना का लाभ उठाने के लिए मिश्रित लोन लेने की सुविधा मिल सके। सहकारी बैंकों द्वारा एनपीए को कम करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जाएं। बैंकों को ऋण जमा अनुपात को बढ़ाने की दिशा में विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में और प्रयासों की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में उत्तराखण्ड राज्य सहकारी बैंकों की बैठक के दौरान अधिकारियों को ये निर्देश दिए।

सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि पिछले 5 सालों में राज्य के सहकारी बैंकों में एनपीए में तेजी से कमी की गई है। 5 साल पहले एनपीए लगभग 20 प्रतिशत था, जो अब घटकर 3.81 प्रतिशत है। सहकारी बैंकों के माध्यम से मोबाईल बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में सभी पैक्स का कंप्यूटराइजेशन का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। सहकारी बैंकों में आईबीपीएस के माध्यम से भर्तियां की जा रही हैं।
बैठक में सचिव श्री आर.मीनाक्षी सुंदरम, श्री बी.वी.आर.सी पुरुषोत्तम, अपर निबंधक सहकारिता श्रीमती ईरा उप्रेती, एमडी सहकारिता श्री नीरज बेलवाल एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।


