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विधानसभा से भेदभाव पूर्ण तरीके से बर्खास्त कार्मिकों की धरने को 100 दिन पूरे हो गए हैं। इस दौरान धरने पर बैठे कार्मिकों द्वारा अनेक प्रकार से विधानसभा अध्यक्ष रितु भूषण खंडूरी एवं सरकार से विभिन्न माध्यमों से न्याय की गुहार लगाई गई लेकिन कार्मिकों का आरोप है कि विधानसभा अध्यक्ष एवं सरकार इतनी संवेदनशील हो गई है। की 228 परिवारों को सड़क पर बैठाने के बाद कोई भी शुद्ध लेने को तैयार नहीं है। कार्मिकों ने कहा कि हमें उच्च न्यायालय पर पूर्ण भरोसा एवं विश्वास है कि न्यायालय 228 परिवारों के साथ न्याय करेगा वैसे भी जहां पर सरकार विफल होती है वहां पर न्यायालय न्याय के लिए आगे आकर अन्याय को कुचलने का काम करता है इस दौरान कई कार्मिक भावुक भी हुए गौरतलब है। कि विधानसभा अध्यक्ष रितु भूषण खंडूरी द्वारा महा सितंबर में शारदीय नवरात्रि में बिना पूर्व सूचना के 228 कार्मिकों को बिना पक्ष सुने बर्खास्त कर दिया गया था कार्मिकों को माननीय उच्च न्यायालय की सिंगल बेंच द्वारा स्टे दिया गया था लेकिन विधानसभा द्वारा कार्मिकों को छला गया विधानसभा द्वारा कहा गया कि दीपावली के बाद कार्मिकों को जॉइनिंग दी जाएगी अभी तक सभी कार्मिक दीपावली मनाएं लेकिन दीपावली के बाद ही विधानसभा अध्यक्ष द्वारा एक पत्र थमा दिया जाता है जिसमें लिखा होता है कि स्टे के खिलाफ विधिक राय ले रहे हैं। जो भी विधिक राय आएगी कार्मिकों को अवगत करा दिया जाएगा और एक माह गुजर जाने के बाद माननीय उच्च न्यायालय की डबल बेंच में स्टे को खारिज करवाया गया आखिर में कार्मिकों को न्यायालय पर पूर्ण भरोसा है कि कार्मिकों को न्याय मिलेगा इस दौरान कौशिक गोपाल नेगी राहुल पांडे हिमांशु पांडे तुशांत बिष्ट भगवती साहनी दीप्ति पांडे कविता फर्त्याल सरोज कठैत अक्षत शर्मा रविंद्र रावत आदि समस्त बर्खास्त कर्मचारी उपस्थित थे