ज्योतिर्मठ।
दो दिनों तक प्रतिकूल मौसम रहने के बाद मौसम साफ होते ही बदरीनाथ धाम में एक बार फिर श्रद्धालुओं की चहल-पहल बढ़ गई है। श्राद्ध पक्ष के दौरान बदरीनाथ धाम स्थित पवित्र ब्रह्मकपाल तीर्थ में अपने पितरों के निमित्त पिंडदान और तर्पण करने के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ब्रह्मकपाल में सुबह से लेकर देर शाम तक धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला जारी है, जिससे पूरा क्षेत्र श्रद्धा और आस्था के वातावरण से सराबोर दिखाई दे रहा है।
चारधाम यात्रा के प्रमुख केंद्र बदरीनाथ धाम में इस वर्ष श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। 23 अप्रैल को कपाट खुलने के बाद से ही धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है। अब तक बदरीनाथ धाम में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा 18 लाख के पार पहुंच चुका है, जो पिछले वर्षों के कई रिकॉर्डों को पीछे छोड़ने की ओर अग्रसर है।
श्राद्ध पक्ष प्रारंभ होने के बाद धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में और अधिक बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। विशेष रूप से ब्रह्मकपाल तीर्थ में पितरों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना से श्रद्धालु विधि-विधान के साथ पिंडदान और तर्पण कर रहे हैं। धार्मिक मान्यता है कि ब्रह्मकपाल में पितृ कर्म संपन्न करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है, जिसके कारण देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं।
स्थानीय तीर्थ पुरोहितों के अनुसार श्राद्ध पक्ष के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु ब्रह्मकपाल पहुंच रहे हैं। मौसम अनुकूल रहने के कारण यात्रा भी सुचारु रूप से संचालित हो रही है। बदरीनाथ धाम में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या से स्थानीय व्यापार, होटल व्यवसाय और तीर्थ सेवाओं से जुड़े लोगों में भी उत्साह का माहौल है।
धार्मिक नगरी बदरीनाथ में इन दिनों आस्था, श्रद्धा और धार्मिक अनुष्ठानों का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन और मंदिर समिति भी व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में जुटी हुई है।


