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जिला योजना से विकास कार्यों के लिए जन प्रतिनिधियों के माध्यम से उपलब्ध कराए जाने वाले प्रस्ताव के संबंध में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में बैठक आयोजित की गई

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Vijaya Dimri
Vijaya Dimrihttps://bit.ly/vijayadimri
Editor in Chief of Uttarakhand's popular Hindi news website "Voice of Devbhoomi" (voiceofdevbhoomi.com). Contact voiceofdevbhoomi@gmail.com

वर्ष 2023-24 में जिला योजना से विकास कार्यों के लिए जन प्रतिनिधियों के माध्यम से उपलब्ध कराए जाने वाले प्रस्ताव के संबंध में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में बैठक आयोजित की गई जिसमें अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती अमरदेई शाह सहित जिला योजना समिति के सदस्य व जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अमरदेई शाह ने उपस्थित अधिकारियों से कहा कि वर्ष 2023-24 की जिला योजना के विकास योजनाओं हेतु सभी जन प्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित करते हुए प्रस्ताव उपलब्ध कराए जाएं तथा उनके क्षेत्र की महत्वकांक्षी योजनाओं के प्रस्ताव को प्रमुखता से शामिल किया जाए इसमें किसी भी प्रकार की कोई संवादहीनता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से ही विकास योजनाओं को धरातल पर उतारते हुए उसका लाभ आम जनमानस तक उपलब्ध कराया जा सकता है। इसके लिए यह जरूरी है कि सभी अधिकारी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।
बैठक में जिलाधिकारी ने उपस्थित सदस्यों से कहा कि वर्ष 2023-24 में जिला योजना के लिए उनके क्षेत्रों में जो भी विकास कार्य किए जाने हंै उसके लिए प्रस्ताव संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी के माध्यम से उपलब्ध कराने को कहा ताकि सभी प्रस्तावों को अनुमोदन हेतु प्रभारी मंत्री के सम्मुख प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा जिला योजना में प्राविधान किया गया है कि 15 प्रतिशत तक की धनराशि स्वरोजगार योजनाओं के लिए रखी गई है। उन्होंने कहा कि जन प्रतिनिधियों के माध्यम से जो भी प्रस्ताव उपलब्ध कराए जाने हैं उनमें ऐसी योजनाओं का चयन किया जाए कि योजना का कार्य उसी वित्तीय वर्ष या अधिकतम दो वर्ष में पूर्ण कर लिया जा सके तथा 3 लाख से कम लागत की योजनाओं के प्रस्ताव को किसी भी दशा में शामिल न किया जाए।
उन्होंने कहा कि किसी क्षेत्र विशेष हेतु अधिकतम योजनाओं का चयन न किया जाए। यदि किसी कारण से विशेष क्षेत्र हेतु योजनाओं का चयन किया जाता है तो उसका कारण सहित स्पष्ट उल्लेख किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार तथा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने हेतु उद्यान, पशुपालन, कृषि, मत्स्य पालन, दुग्ध विकास आदि विभागों तथा आजीविका से संबंधित कार्यों के प्रस्ताव को प्राथमिकता से सम्मिलित किए जाए।
बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमंत तिवारी, जिला पंचायत सदस्य सुमन नेगी, गणेश तिवारी, नरेंद्र बिष्ट, कुलदीप सिंह, रीना देवी, रेखा देवी, कुसुम देवी, मंजू देवी, सुनीता देवी, शीला देवी, भूपेंद्र लाल, सभासद सुरेंद्र रावत, प्रभागीय वनाधिकारी अभिमन्यु, मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. एचसीएस मर्तोलिया, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. आशीष रावत, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी संदीप भट्ट, जिला पर्यटन विकास अधिकारी राहुल चौबे, अधिशासी अभियंता लोनिवि जेएस रावत सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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